
Ranchi : झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रहे अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) ने आयोग के पूर्व अध्यक्ष एवं झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव एल. खियांग्ते को पूछताछ के लिए समन जारी किया है। सीआईडी ने उन्हें मंगलवार 28 जुलाई को अपने मुख्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
सूत्रों की मानें तो सीआईडी पिछले तीन दिनों से मामले में गिरफ्तार पांच आरोपियों से रिमांड पर पूछताछ कर रही है। पूछताछ के दौरान मिले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते से पूछताछ जरूरी मानी गई है।
गिरफ्तार आरोपियों में जेपीएससी की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता, परीक्षा संचालन एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के निदेशक रामवीर सिंह, मार्केटिंग मैनेजर मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय कुमार तिवारी तथा तकनीकी प्रोग्रामर उस्मान और एबाद शामिल हैं। सभी को पांच दिनों की रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।
सीआईडी की जांच में टीडीपीएल को परीक्षा संचालन का टेंडर दिए जाने की प्रक्रिया भी जांच के दायरे में है। जांच एजेंसी यह जानने का प्रयास करेगी कि जब संबंधित एजेंसी को पहले जेएसएससी द्वारा ब्लैकलिस्ट किया जा चुका था, तब उसे जेपीएससी परीक्षा की जिम्मेदारी किस आधार पर सौंपी गई।
इसके अलावा परीक्षा की पारदर्शिता सुनिश्चित करने, ओएमआर शीट में कथित हेराफेरी रोकने और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी एल. खियांग्ते से सवाल किए जाएंगे। सीआईडी यह भी जांच कर रही है कि परीक्षा में सामने आई अनियमितताओं को रोकने के लिए तत्कालीन अध्यक्ष की ओर से क्या कदम उठाए गए थे। मामले की जांच अभी जारी है।

