
रांची: झारखंड के पहले ग्रीनफील्ड छत्तीसगढ़ के रायपुर- रांची-धनबाद आर्थिक गलियारे के तहत निर्माणाधीन ओरमांझी-गोला (एनएच-320बी) फोरलेन परियोजना में स्थानीय जरूरतों के अनुरूप नई सुविधाएं जोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के सदस्य (परियोजनाएं) अनिल चौधरी के अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए झारखंड के अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। बैठक में परियोजना से जुड़े लंबित मामलों का जल्द निबटारा करने और स्थानीय लोगों की मांगों के अनुरूप प्रस्ताव तैयार कर मुख्यालय भेजने को कहा गया।
करीब 120 किलोमीटर लंबे इस आर्थिक गलियारे का निर्माण ओरमांझी से गोला होते हुए जैनामोड़ तक दो चरणों में किया जा रहा है। लगभग 3,500 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना राज्य का पहला ग्रीनफील्ड फोरलेन एक्सप्रेस-वे है। इसके निर्माण से रांची, रामगढ़, बोकारो और धनबाद के बीच आवागमन तेज होगा, जबकि भारी वाहनों के लिए भी बेहतर वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा। परियोजना के अधिकांश हिस्से में अर्थवर्क, पुल-पुलिया और सड़क निर्माण का काम काफी आगे बढ़ चुका है।
समीक्षा बैठक में परियोजना निदेशक (पीआईयू-रांची) ने बताया कि स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों की मांग पर किमी 61.400 पर 7×4 मीटर का स्मॉल व्हीकुलर अंडरपास (एसवीयूपी) तथा कुल्ही के पास किमी 67.100 पर 12×5 मीटर का लाइट व्हीकुलर अंडरपास (एलवीयूपी) बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। इस पर सदस्य (परियोजनाएं) ने दोनों स्थानों की तकनीकी आवश्यकता का परीक्षण कर संशोधित चेंज ऑफ स्कोप प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
बैठक में स्थानीय लोगों की मांग पर रैंप सहित दो फुटओवर ब्रिज बनाने की संभावना का भी अध्ययन कर प्रस्ताव भेजने को कहा गया। इसके अलावा हेमतपुर गांव से जुड़े आर्बिट्रेशन मामले का शीघ्र समाधान करने, परियोजना के लिए स्टेज-दो वन स्वीकृति जल्द हासिल करने तथा पहाड़ी हिस्से में भूस्खलन रोकने के लिए सुरक्षात्मक कार्य तत्काल शुरू कराने का निर्देश भी दिया गया।
एनएचएआई के सदस्य (परियोजनाएं) ने अधिकारियों से कहा कि परियोजना की गुणवत्ता के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाए और लंबित प्रशासनिक एवं तकनीकी मामलों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि निर्माण कार्य निर्धारित अवधि में पूरा हो सके
ओरमांझी ब्लॉक चौक पर फ्लाईओवर का बनेगा प्रस्ताव
हजारीबाग-रांची एनएच-20 पर स्थित ओरमांझी ब्लॉक चौक की लगातार बढ़ती यातायात समस्या को देखते हुए यहां फ्लाईओवर निर्माण की दिशा में भी पहल हुई है। समीक्षा बैठक में सदस्य (परियोजनाएं) ने परियोजना निदेशक को निर्देश दिया कि फ्लाईओवर निर्माण का विस्तृत प्रस्ताव (डीपीआर) प्राथमिकता के आधार पर तैयार कर प्रस्तुत किया जाए। यह चौक रांची, हजारीबाग, गोला और रामगढ़ की ओर जाने वाले वाहनों का प्रमुख जंक्शन है। फ्लाईओवर बनने से यहां रोज लगने वाले जाम से राहत मिलने और यातायात व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है।
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