
रांची : झारखंड सरकार के गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने तत्कालीन केंद्रीय कारा, गिरिडीह के काराधीक्षक एवं वर्तमान में उपकारा, बरही (हजारीबाग) के अधीक्षक राजमोहन राजन पर विभागीय कार्रवाई करते हुए उनकी एक वेतनवृद्धि संचयी प्रभाव के साथ रोकने का आदेश जारी किया है। इस संबंध में विभाग ने संकल्प जारी किया है।
विभागीय आरोपपत्र के अनुसार, राजमोहन राजन ने 2 से 4 मार्च 2022 तक आकस्मिक अवकाश का अनुरोध किया था, जिसे कारा महानिरीक्षक ने अस्वीकार कर दिया था। इसके बावजूद वह आदेश की अवहेलना करते हुए ड्यूटी स्थल छोड़कर रांची चले गए। इसे कर्तव्यहीनता, स्वेच्छाचारिता और आदेश का उल्लंघन माना गया।
इसी दौरान उनके खिलाफ धुर्वा (तुपुदाना) थाना कांड संख्या 55/2022 दर्ज हुआ, जिसमें उन पर नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ और अश्लील हरकत करने का आरोप लगाया गया। इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 354(ए) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 8/10 के तहत उन्हें गिरफ्तार कर 6 मार्च 2022 को बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा, होटवार भेजा गया था। विभागीय जांच में यह भी माना गया कि उनका आचरण सरकारी सेवक आचार नियमावली के विपरीत था। जांच पदाधिकारी ने आरोपों को प्रमाणित माना। इसके बाद अक्टूबर 2022 में विभागीय कार्यवाही शुरू की गई और मई 2023 में जांच प्रतिवेदन सरकार को सौंपा गया।
प्रारंभिक समीक्षा के बाद विभाग ने दो वेतनवृद्धि संचयी प्रभाव से रोकने का प्रस्ताव दिया था और इस संबंध में द्वितीय कारण पृच्छा भी जारी की गई थी। हालांकि, संबंधित अधिकारी के जवाब तथा 11 सितंबर 2025 को न्यायालय द्वारा पारित आदेश के आलोक में मामले की पुनर्समीक्षा की गई। इसके बाद सरकार ने प्रस्तावित दंड में आंशिक राहत देते हुए दो वेतनवृद्धि के बजाय एक वेतनवृद्धि संचयी प्रभाव के साथ रोकने की शास्ति अधिरोपित कर दी।

