
Jamshedpur : पूर्वी सिंहभूम जिले के पटमदा थाना क्षेत्र के बाटालुका गांव में शनिवार को नक्सल विरोधी अभियान के दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच तनाव की स्थिति पैदा हो गई। सर्च ऑपरेशन पूरा कर लौट रही पुलिस की एलआरपी टीम को ग्रामीणों ने घेर लिया। करीब पांच घंटे तक बवाल चला। इस दौरान पुलिस कर्मी गांव में ही रहे। ग्रामीण मांग कर रहे थे कि पूछताछ के लिए थाने पर बैठाए गए एक व्यक्ति को छोड़ा जाए। यही नहीं, जिन दो महिलाओं को पूछताछ के लिए पकड़ा गया है उन्हें भी रिहा कर दिया जाए। पांच घंटे तक बवाल चला। घटना की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीण एसपी शुभम खंडेलवाल भी मौके पर पहुंच गए थे। उन्होंने जिला परिषद सदस्य और मुखिया को बुलाया और वार्ता की। बाद में पुलिस ने ग्रामीणों की मांगें मान लीं और इसके बाद मामला शांत हुआ।
बताया गया कि पुलिस टीम में पटमदा थाना प्रभारी के अलावा भुईयांसिनान कैंप के एसटीएफ जवान भी शामिल थे। सुरक्षा बल शुक्रवार शाम से दलमा रेंज के विभिन्न इलाकों में नक्सलियों की तलाश में अभियान चला रहे थे। टीम ने झुंझका, मेघादह, राजाबासा, अपो और सारी सहित कई इलाकों में तलाशी ली।
इसके बाद पुलिस टीम बाटालुका गांव पहुंची और कुछ घरों में जांच की। इसी दौरान पुलिस लक्खन सोरेन और उनकी दोनों पत्नियों भारती सोरेन तथा सूमी सोरेन को अपने साथ लेकर गांव से निकल रही थी। इसी बीच लक्खन सोरेन की 10 वर्षीय बेटी पार्वती के रोने और शोर मचाने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण वहां जुटने लगे।
कुछ ही देर में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों के हाथों में लाठी-डंडे भी थे। ग्रामीणों ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध करना शुरू कर दिया और मांग करने लगे कि जिन लोगों को पकड़ा गया है उन्हें फौरन छोड़ा जाए।
ग्रामीणों ने पटमदा थाना में कई दिनों से हिरासत में रखे गए बाटालुका निवासी युधिष्ठिर महतो को भी मुक्त करने की मांग रखी। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, पुलिस टीम को गांव से आगे नहीं जाने दिया जाएगा।
बारिश के बीच करीब पांच घंटे तक पुलिस और ग्रामीणों के बीच गतिरोध बना रहा। तनावपूर्ण माहौल के बावजूद पुलिस ने संयम बनाए रखा और वरीय अधिकारियों के निर्देश का इंतजार करती रही। इस दौरान गांव में लोगों की भीड़ जुटी रही।
मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और ग्रामीणों के बीच बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की कोशिश शुरू हुई। जिला पार्षद प्रदीप बेसरा की पहल के बाद करीब नौ बजे पटमदा थाना में हिरासत में रखे गए युधिष्ठिर महतो को मौके पर लाया गया।
इसके बाद ग्रामीणों और पुलिस के बीच बना गतिरोध समाप्त हुआ और पुलिस टीम के लिए रास्ता खुल सका। घटना के बाद गांव में कुछ समय तक तनाव का माहौल बना रहा।

