
रांची : मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान एक ही मकान नंबर पर बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम दर्ज होने को लेकर उठ रहे सवालों पर निर्वाचन विभाग ने वास्तविक स्थिति स्पष्ट की है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा कि ऐसे मामलों को सीधे बीएलओ की लापरवाही या मतदाता सूची की गड़बड़ी मान लेना उचित नहीं है। इसके पीछे कई व्यावहारिक और तकनीकी कारण हो सकते हैं।
उन्होंने बताया कि राज्य के कई शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में नए बने मकानों को स्थानीय निकाय या पंचायत की ओर से अलग मकान नंबर आवंटित नहीं किया गया है। वहीं, अपार्टमेंट और फ्लैटों में भी एक ही क्रम संख्या या पते से कई आवास जुड़े हो सकते हैं। ऐसे में एक ही मकान नंबर के तहत कई मतदाताओं के नाम दर्ज होना यह प्रमाणित नहीं करता कि वे सभी एक ही मकान में रहते हैं।
के. रवि कुमार ने कहा कि पांच अगस्त को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची अंतिम सूची नहीं है। मकान नंबर से संबंधित विसंगतियों का दावा-आपत्ति चरण में नियमानुसार निराकरण किया जाएगा। जिन घरों को मकान नंबर नहीं मिला है, उन्हें बीएलओ द्वारा नोशनल हाउस नंबर आवंटित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि ‘होम टू रोल’ स्टीकर के जरिए परिवार अपने सभी सदस्यों के नाम मतदाता सूची में एक साथ दर्ज होने की जांच कर सकेंगे। उन्होंने मीडिया से एसआईआर से जुड़ी खबरों में तथ्यों की पुष्टि करने की अपील की।

