
Ranchi: जेपीएससी एवं जेएसएससी परीक्षाओं में कथित धांधली का मामला अब झारखंड की राजधानी रांची की सड़कों तक ही सीमित नहीं रहा। सड़क से निकलकर यह राज्य एवं देश के सदनों में उठ चुका है। झारखंड की विधानसभा में विपक्ष के विधायकों ने इसे जोरदार ढंग से उठाया और इसे लेकर मुख्यमंत्री स् इस्तीफे की मांग की। वहीं लोकसभा में सत्ताधारी दल के सांसदों ने झारखंड की प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली का मुद्दा उठाते हुए इसकी सीबीआई जांच की मांग की है। अब यह मुद्दा विधानसभा, लोकसभा से होते हुए सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है।
हरिशरण देवगन ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दाखिल कर इसकी समुचित जांच का आग्रह किया है। हरिशरण देवगन ने याचिका में जेपीएसएसी और जेएसएससी की विभिन्न परीक्षाओं में गड़बड़ी होने का आरोप लगाते हुए इसकी निष्पक्ष जांच मांग की है।
इसके पूर्व झारखंड हाईकोर्ट में भी एक जनहित याचिका दाखिल की जा चुकी है। इसके बाद जेपीएससी की ओर से कोर्ट को बताया गया था कि जेपीएससी की कुछ परीक्षाओं की अभी सीआईडी जांच चल रही है। वैसे हालांकि हाईकोर्ट ने उस पर कोई टिप्पणी नहीं की थी।
परीक्षा में धांधली मामले लेकर छात्र रांची में लगातार 15 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। कई छात्र संगठनों एवं राजनीतिक दलों से उन्हें समर्थन भी मिल रहा है। आंदोलन को खत्म कराने के लिए सरकार स्तर से भी लगातार पहल की जा रही है। दो राउंड की वार्ता के बाद भी अभी कोई निष्कर्ष नहीं निकला है। छात्र अपनी मांगों को लेकर अडिग हैं।

