
देवघर : श्रावणी मेला के दौरान पटना-हावड़ा मुख्य रेलखंड पर लगातार दो ट्रेनों के इंजन में खराबी आने से रेल परिचालन प्रभावित हुआ। आसनसोल रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले अप रेल मार्ग पर करीब आठ घंटे के भीतर दो अलग-अलग घटनाएं सामने आईं। पहली घटना में सियालदह से बलिया जा रही एक्सप्रेस ट्रेन का इंजन खराब हुआ, जबकि दूसरी घटना में आसनसोल से झाझा जा रही मालगाड़ी का इंजन जवाब दे गया। मालगाड़ी के रुकने के बाद अप रेल मार्ग पर परिचालन बाधित हो गया और कई महत्वपूर्ण यात्री ट्रेनें अलग-अलग स्थानों पर खड़ी रहीं।
श्रावणी मेला के कारण इस समय देवघर और आसपास के रेल स्टेशनों पर यात्रियों और कांवरियों की संख्या काफी अधिक है। ऐसे में मुख्य रेल मार्ग पर परिचालन प्रभावित होने से यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में देरी का सामना करना पड़ा। रेलवे प्रशासन ने खराब मालगाड़ी को हटाने के लिए मधुपुर से दूसरा इंजन भेजा, जिसके बाद रेल परिचालन दोबारा शुरू कराया गया।
सियालदह-बलिया एक्सप्रेस का इंजन मधुपुर में हुआ खराब
गत शाम सियालदह से बलिया जा रही एक्सप्रेस ट्रेन के इंजन में अचानक तकनीकी खराबी आ गई। ट्रेन को इसके बाद मधुपुर स्टेशन पर रोकना पड़ा। इंजन की समस्या दूर करने के दौरान ट्रेन करीब एक घंटे तक स्टेशन पर खड़ी रही।
ट्रेन के रुकने के कारण उसमें सवार यात्रियों को काफी परेशानी हुई। यात्रियों को लंबे समय तक ट्रेन के आगे बढ़ने का इंतजार करना पड़ा। श्रावणी मेला के दौरान बड़ी संख्या में यात्री रेल मार्ग से यात्रा कर रहे हैं, इसलिए ट्रेन के रुकने का असर यात्रियों की आगे की यात्रा पर भी पड़ा।
मधुपुर-जोड़ामो के बीच मालगाड़ी का इंजन फेल
पहली घटना के कुछ घंटे बाद शनिवार सुबह करीब चार बजे मधुपुर और जोड़ामो स्टेशन के बीच दूसरी बड़ी समस्या सामने आई। आसनसोल से झाझा की ओर जा रही मालगाड़ी के इंजन में अचानक खराबी आ गई। बताया गया कि मधुपुर पहुंचने से पहले इंजन का दबाव कम हो गया, जिसके बाद मालगाड़ी को अप रेल मार्ग पर रोकना पड़ा।
मालगाड़ी के रेल लाइन पर खड़े होने के कारण अप दिशा में ट्रेनों का परिचालन बाधित हो गया। इसके चलते पीछे से आने वाली कई यात्री ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोकना पड़ा। इससे रेल यात्रियों की परेशानी बढ़ गई।
जामताड़ा और चितरंजन समेत कई स्थानों पर रुकी ट्रेनें
मालगाड़ी के इंजन में खराबी के बाद विद्यासागर, जामताड़ा, चितरंजन समेत कई रेल स्टेशनों और रेलखंडों पर यात्री ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ। कई महत्वपूर्ण ट्रेनें आगे बढ़ने के लिए रेल मार्ग साफ होने का इंतजार करती रहीं।
प्रभावित ट्रेनों में हिमगिरी एक्सप्रेस, रांची-दुमका, आसनसोल-रांची-हटिया, हावड़ा-मोकामा और पाटलिपुत्र समेत कई ट्रेनें शामिल रहीं। इन ट्रेनों से यात्रा कर रहे यात्रियों को निर्धारित समय से अधिक इंतजार करना पड़ा।
श्रावणी मेला के दौरान बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवघर और आसपास के धार्मिक स्थलों की यात्रा कर रहे हैं। ऐसे समय में पटना-हावड़ा मुख्य रेल मार्ग पर परिचालन रुकने से यात्रियों को अतिरिक्त परेशानी हुई।
मधुपुर से दूसरा इंजन भेजकर हटाई गई मालगाड़ी
मालगाड़ी के इंजन में खराबी की सूचना मिलने के बाद रेलवे प्रशासन ने तत्काल मधुपुर से दूसरा इंजन भेजा। दूसरे इंजन की सहायता से खराब मालगाड़ी को खींचकर मधुपुर स्टेशन लाया गया।
मालगाड़ी को मुख्य रेल मार्ग से हटाए जाने के बाद अप रेल मार्ग पर परिचालन बहाल करने की प्रक्रिया शुरू की गई। करीब दो घंटे बाद इस मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही दोबारा शुरू हो सकी। इसके बाद अलग-अलग स्थानों पर रुकी यात्री ट्रेनों को आगे रवाना किया गया।
रेल परिचालन बहाल होने के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली। हालांकि, करीब आठ घंटे के भीतर दो अलग-अलग ट्रेनों के इंजनों में खराबी आने और इसके कारण रेल यातायात प्रभावित होने से श्रावणी मेला के दौरान यात्रा कर रहे यात्रियों की परेशानी बढ़ गई।
श्रावणी मेला में बढ़ी रेल यात्रियों की मुश्किलें
देवघर में श्रावणी मेला के कारण रेल मार्ग पर यात्रियों की आवाजाही बढ़ी हुई है। बड़ी संख्या में कांवरिया और अन्य श्रद्धालु ट्रेनों से देवघर पहुंच रहे हैं। पटना-हावड़ा मुख्य रेल मार्ग इस क्षेत्र का महत्वपूर्ण रेल संपर्क है और इसके प्रभावित होने का असर कई यात्री ट्रेनों पर पड़ता है।
लगातार दो इंजन में आई खराबी के कारण शुक्रवार शाम से शनिवार सुबह तक यात्रियों को अलग-अलग स्तर पर परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, मालगाड़ी को हटाने के लिए दूसरा इंजन भेजे जाने के बाद रेल परिचालन को बहाल कर दिया गया।
फिलहाल अप रेल मार्ग पर परिचालन शुरू हो चुका है। रेलवे प्रशासन की ओर से खराब इंजन और मालगाड़ी से संबंधित तकनीकी समस्या की जानकारी जुटाई जा रही है। इस घटना के कारण प्रभावित हुई ट्रेनों के परिचालन में हुई देरी का असर यात्रियों की यात्रा पर पड़ा।

