
Jamshedpur : विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की ओर से साकची स्थित जिला संपर्क कार्यालय में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में आदिवासी समाज के वीर सपूतों के संघर्ष, बलिदान और जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए किए गए आंदोलनों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए गए।
हूल विद्रोह ने अंग्रेजी शासन की चूलें हिला दी थीं
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए झामुमो पूर्वी सिंहभूम जिला अध्यक्ष विक्टर सोरेन ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस के ऐतिहासिक महत्व को देश और समाज के प्रत्येक नागरिक को समझना होगा। आदिवासी समाज के वीर सपूतों ने अपनी स्वशासन व्यवस्था तथा जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए उस समय अंग्रेजी शासन के खिलाफ संगठित होकर विद्रोह किया, जब पूरा देश अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ गोलबंद होने के लिए नेतृत्व की तलाश कर रहा था।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1855 में सिद्धू-कान्हू, चांद-भैरव और फूलो-झानो के नेतृत्व में आदिवासी समाज ने हूल विद्रोह के रूप में संगठित होकर अंग्रेजी शासन का विरोध किया और उसकी चूलें हिला दीं। इसके बाद समय-समय पर बाबा तिलका मांझी, धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा, पोटो हो और तैलंग खड़िया समेत अनेक वीरों ने अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष का नेतृत्व किया।
अलग राज्य के आंदोलन में भी आदिवासियों ने दी शहादत
विक्टर सोरेन ने कहा कि आजादी के बाद भी सामाजिक सुधार, अपनी अस्मिता, भाषा-संस्कृति और आदिवासी-मूलवासी बहुल क्षेत्रों के क्रमबद्ध विकास जैसे मुद्दों को लेकर आदिवासी समाज को संघर्ष करना पड़ा। झारखंड अलग राज्य के आंदोलन में भी अनेक आदिवासी महापुरुषों और आंदोलनकारियों ने अपनी शहादत दी। लंबे संघर्ष के बाद झारखंड अलग राज्य का गठन हुआ।
उन्होंने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर तमाम आदिवासी वीर सपूतों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके संघर्ष और बलिदान को नमन किया जाना चाहिए।
महापुरुषों के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प
झामुमो जिला उपाध्यक्ष सागेन पूर्ति ने कहा कि आदिवासी समाज इन सभी वीर सपूतों का सदैव ऋणी रहेगा। उनके बताए मार्ग और आदर्शों का अनुकरण करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
इससे पूर्व जिला अध्यक्ष विक्टर सोरेन के नेतृत्व में झामुमो के वरीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सिद्धू-कान्हू, चांद-भैरव, फूलो-झानो, बाबा तिलका मांझी, धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा, तैलंग खड़िया, पोटो हो तथा पद्मभूषण दिशोम गुरु शिबू सोरेन के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान सभी ने महापुरुषों के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में वरीय नेता खुद्दू उरांव, शकील गद्दी, उमानाथ झा, लालटू महतो, बिनोद डे, अंकित सिंह, प्रीतम हेंब्रम, गुरमीत सिंह गिल, अभय पांडेय, गंगा देवी, कवलजीत कौर गिल, चरणजीत कौर भाटिया, वार्ड पार्षद अनिता श्रीवास्तव, राजू श्रीवास्तव, रोहित लोहारा, सविता दास, दुर्गा बोईपाई, सविता सिंह, नईमा हुसैन, काजल दास, शांति दास, जाबिर हुसैन, अजय पांडेय, प्रह्लाद लोहरा, सपन राय, गोकुल मार्डी, कवल किशोर मिश्रा, विष्णु प्रधान, डी. रवि कुमार, प्रभात सिंह, उमेश गिरी, चंदन महतो और सुकुमार बेसरा समेत बड़ी संख्या में झामुमो कार्यकर्ता उपस्थित थे।

