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Jharkhand Treasury : कोषागार से अवैध निकासी के बाद सरकार का बड़ा फैसला, बैंक खाता और पैन सत्यापन के बिना नहीं होगा भुगतान

संदिग्ध विवरण वाले भुगतान को आईएफएमएस स्तर पर ही रोका जा सकेगा

by Nikhil Kumar
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प्रोटियन ई-गवर्नेंस टेक्नोलॉजीज लिमिटेड का मनोनयन के आधार पर किया गया चयन

रांची : हजारीबाग, बोकारो और पलामू समेत राज्य के विभिन्न जिलों के कोषागारों से अवैध निकासी के मामले सामने आने के बाद झारखंड सरकार ने सरकारी भुगतान व्यवस्था को और सुरक्षित बनाने के लिए बड़ा फैसला किया है। अब राज्यकर्मियों और अन्य भुगतान प्राप्त करने वालों के बैंक खाते तथा स्थायी खाता संख्या (पैन) का ऑनलाइन और वास्तविक समय में सत्यापन किया जाएगा। बैंक खाते के विवरण में गड़बड़ी या खाता संख्या का मिलान नहीं होने पर वित्तीय प्रबंधन सूचना प्रणाली (आईएफएमएस) से भुगतान रोक दिया जाएगा।
वित्त विभाग ने 31 जुलाई को इस संबंध में संकल्प जारी किया है। इसके तहत आईएफएमएस पोर्टल के साथ बैंक खाता सत्यापन और ऑनलाइन पैन सत्यापन सेवा को जोड़ा जाएगा। इसके लिए प्रोटियन ई-गवर्नेंस टेक्नोलॉजीज लिमिटेड का मनोनयन के आधार पर चयन किया गया है।

हजारीबाग, बोकारो और पलामू में सामने आए हैं अवैध निकासी के मामले

वित्त विभाग ने अपने संकल्प में कहा है कि राज्यकर्मियों और अन्य भुगतान प्राप्त करने वालों के व्यक्तिगत विवरण तथा बैंक खातों से संबंधित सूचनाओं के पर्याप्त सत्यापन के अभाव में विभिन्न कोषागारों से अवैध निकासी के कई मामले सामने आए हैं। हजारीबाग, बोकारो और पलामू जिलों से इस तरह की अवैध निकासी की सूचना मिली है। इन मामलों की आगे की जांच और अनुसंधान की प्रक्रिया अभी जारी है।
इन्हीं घटनाओं के बाद सरकार ने सरकारी भुगतान से पहले बैंक खाता और पैन के सत्यापन की व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। नई प्रणाली के लागू होने के बाद गलत या संदिग्ध विवरण वाले भुगतान को आईएफएमएस स्तर पर ही रोका जा सकेगा।

खाता संख्या का मिलान नहीं हुआ तो रुक जाएगा भुगतान

नई व्यवस्था के तहत आईएफएमएस में दर्ज बैंक खाते का स्वतः और सुरक्षित सत्यापन किया जाएगा। इसके साथ ही पैन का भी ऑनलाइन सत्यापन होगा। यदि बैंक खाता संख्या में गड़बड़ी पाई गई या उसका मिलान नहीं हुआ तो संबंधित भुगतान पहचान संख्या के माध्यम से राशि का भुगतान नहीं हो सकेगा।
इससे किसी व्यक्ति के नाम पर गलत बैंक खाता दर्ज कर सरकारी राशि निकालने की कोशिश पर रोक लगेगी। पैन के वास्तविक समय में सत्यापन से गलत या संदिग्ध पैन के इस्तेमाल की भी पहचान की जा सकेगी।

पुराने और नए सभी भुगतान खातों की होगी जांच

सरकार पहले से बने भुगतान पहचान संख्या और वर्तमान में कार्यरत राज्यकर्मियों के पैन से जुड़े बैंक खातों का सत्यापन कराएगी। इसके साथ ही भविष्य में बनने वाली नई भुगतान पहचान संख्या और नए नियुक्त होने वाले कर्मचारियों के बैंक खाते तथा पैन की भी जांच की जाएगी।
इस व्यवस्था का उद्देश्य सरकारी भुगतान से पहले ही गलत बैंक खाते, फर्जी विवरण या संदिग्ध जानकारी की पहचान करना है, ताकि सरकारी राशि का गलत इस्तेमाल रोका जा सके।

नई व्यवस्था पर शुरुआती खर्च 14.21 लाख रुपये

आईएफएमएस में बैंक खाता और पैन सत्यापन सेवा को जोड़ने पर शुरुआती तौर पर 14 लाख 21 हजार 190 रुपये का अनुमानित खर्च आएगा। इसमें प्रणाली को आईएफएमएस से जोड़ने की 55 हजार रुपये की एकमुश्त लागत भी शामिल है।
पैन सत्यापन के लिए प्रतिदिन अधिकतम 1500 मुफ्त सत्यापन की सुविधा मिलेगी। इसके बाद नए भुगतान पहचान संख्या बनने और नए कर्मचारियों की नियुक्ति पर बैंक खाते तथा पैन के सत्यापन के लिए प्रति लेनदेन निर्धारित शुल्क देना होगा।

तत्काल जरूरत को देखते हुए कंपनी का किया गया चयन
मामले की गंभीरता और तत्काल आवश्यकता को देखते हुए वित्त विभाग ने झारखंड वित्त नियमावली के प्रावधानों में शिथिलता देते हुए प्रोटियन ई-गवर्नेंस टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को इस कार्य के लिए नामित किया है। कंपनी के साथ होने वाले अनुबंध के प्रारूप को भी मंजूरी दे दी गई है।

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