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DSPMU : जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं में भी रोजगार के समान अवसर : डॉ. हरि उरांव

टीआरएल सभागार में नौ जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभागों का संयुक्त स्वागत समारोह आयोजित

by Nikhil Kumar
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रांची: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) में स्नातक सत्र 2026-30 में नव नामांकित छात्र-छात्राओं के स्वागत के लिए विश्वविद्यालय परिसर स्थित टीआरएल सभागार में संयुक्त स्वागत समारोह आयोजित किया गया। समारोह में संताली, मुंडारी, खड़िया, हो, कुड़ुख़, कुड़मालि, पंचपरगनिया, नागपुरी और खोरठा विभाग के नव नामांकित विद्यार्थियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया।

मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रांची विश्वविद्यालय के कुड़ुख़ विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. हरि उरांव ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि वे विश्वविद्यालय के अनुशासन का पालन करते हुए मन लगाकर पढ़ाई करें। उन्होंने कहा कि जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं का महत्व लगातार बढ़ रहा है और इन विषयों में भी अन्य विषयों की तरह रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध हैं। मेहनत और समर्पण के बल पर छात्र अपने लक्ष्य को अवश्य प्राप्त कर सकते हैं।

स्वागत भाषण देते हुए नौ विभागों के समन्वयक डॉ. विनोद कुमार ने विद्यार्थियों को इन विषयों का चयन करने पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के ये नौ विभाग झारखंड की समृद्ध कला, संस्कृति और भाषाई विविधता के संगम हैं, जहां विद्यार्थियों को राज्य की सांस्कृतिक विरासत को समझने और आगे बढ़ाने का अवसर मिलता है।

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों और विद्यार्थियों के पारंपरिक परछन से हुई। मंच संचालन संजय साहू ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन नागपुरी विभाग की डॉ. मालती बागिसा लकड़ा ने किया। समारोह में विभिन्न विभागों के शिक्षक, शोधार्थी, पूर्व छात्र तथा बड़ी संख्या में नव नामांकित छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

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