
Jamshedpur : Incab इंडस्ट्रीज लिमिटेड के दिवाला समाधान (इंसॉल्वेंसी) मामले में राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) ने 5 अगस्त 2026 को पारित अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि यह कोई अंतिम फैसला नहीं, बल्कि अंतरिम आदेश है। न्यायाधिकरण ने मामले में लंबित अपीलों पर अंतिम निर्णय देने के बजाय उन्हें 5 नवंबर 2026 तक के लिए स्थगित कर दिया है और कहा है कि पहले इस विवाद से जुड़े मामले पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का इंतजार किया जाएगा।
रिजॉल्यूशन प्लान की मंजूरी बरकरार
NCLAT ने अपने आदेश में दर्ज किया कि इंकैब के लिए प्रस्तुत रिजॉल्यूशन प्लान को पहले ही राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) मंजूरी दे चुका है। इसके बाद NCLAT ने भी 30 जून 2026 को कंपनी अपील (AT) (इंसॉल्वेंसी) संख्या 662/2025 में उस मंजूरी को बरकरार रखा था। इसलिए फिलहाल स्वीकृत रिजॉल्यूशन प्लान प्रभावी रहेगा।
सुप्रीम कोर्ट में लंबित है चुनौती
न्यायाधिकरण ने यह भी उल्लेख किया कि 30 जून 2026 के उसके फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है और मामला वहां विचाराधीन है। इसी कारण NCLAT ने संबंधित अपीलों पर आगे बढ़ने के बजाय सर्वोच्च न्यायालय के अंतिम निर्णय की प्रतीक्षा करना उचित माना।
CoC को लेकर उठे सवालों पर फिलहाल नहीं होगी सुनवाई
अपीलकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि कुछ वित्तीय लेनदारों को कथित रूप से गैर-कानूनी तरीके से लेनदारों की समिति (CoC) में शामिल किया गया था। हालांकि, न्यायाधिकरण ने कहा कि जब रिजॉल्यूशन प्लान को CoC, NCLT और NCLAT पहले ही मंजूरी दे चुके हैं, तब तक इस मुद्दे पर दोबारा विचार करना उचित नहीं होगा, जब तक सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला नहीं सुना देता।
5 नवंबर को होगी अगली सुनवाई
NCLAT ने सभी संबंधित अपीलों को 5 नवंबर 2026 के लिए सूचीबद्ध किया है। उस समय तक सुप्रीम कोर्ट के फैसले की स्थिति के आधार पर आगे की सुनवाई होगी।
वेदांता के लिए राहत, अपीलकर्ताओं को नहीं मिला कोई अंतरिम लाभ
इस आदेश का व्यावहारिक प्रभाव यह है कि इंकैब के लिए स्वीकृत वेदांता का रिजॉल्यूशन प्लान फिलहाल लागू रहेगा। यदि सुप्रीम कोर्ट NCLAT के पूर्व आदेश पर रोक नहीं लगाता या उसे रद्द नहीं करता, तो योजना प्रभावी बनी रहेगी। वहीं, अपीलकर्ताओं को इस अंतरिम आदेश से कोई राहत नहीं मिली है और उनकी अपीलें केवल लंबित रखी गई हैं।
फिलहाल यथास्थिति कायम
कुल मिलाकर, NCLAT के 5 अगस्त 2026 के आदेश से इंकैब के स्वीकृत रिजॉल्यूशन प्लान में कोई बदलाव नहीं हुआ है। न्यायाधिकरण ने स्पष्ट संकेत दिया है कि मामले के अंतिम निपटारे से पहले सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार किया जाएगा। ऐसे में फिलहाल वेदांता के पक्ष में स्वीकृत रिजॉल्यूशन प्लान यथावत लागू रहेगा और आगे की कानूनी दिशा सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय पर निर्भर करेगी।

