
रांची: जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों और सरकार के बीच जारी गतिरोध अब समाप्ति की ओर बढ़ता दिख रहा है। प्रशासन के साथ हुई बातचीत के बाद आंदोलनरत छात्र सरकार से बिना वकील और पत्रकार की मौजूदगी के सीधे वार्ता करने पर सहमत हो गए हैं। इसके साथ ही सरकार से बातचीत के लिए 10 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल का गठन कर उसकी अंतिम सूची भी जारी कर दी गई है।
शुक्रवार को एसडीएम और एडीएम जयपाल सिंह स्टेडियम स्थित आंदोलन स्थल पहुंचे, जहां उन्होंने आंदोलनरत छात्रों के साथ वार्ता की। बैठक में छात्रों की मांगों, वार्ता की प्रक्रिया और प्रतिनिधित्व को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। बातचीत के बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी कि सरकार और छात्रों के बीच सीधा संवाद होगा। इसके बाद छात्रों ने अपनी बैठक कर वार्ता के लिए 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का चयन किया।
छात्र प्रतिनिधिमंडल में रवीन्द्र पासवान, पीयूष कुमार, राजेश प्रसाद, नीतू कुजूर, अंकित राज, कार्तिक सोरेन, शालू कुमारी, रवींद्र कुमार रवि, आनंद कुमार और अंकित कुमार को शामिल किया गया है। यही प्रतिनिधिमंडल सरकार के समक्ष आंदोलनकारियों की मांगों को रखेगा।
सूत्रों के अनुसार, सरकार की ओर से गठित वार्ता समिति में भी संशोधन किया जा रहा है। संशोधित समिति के साथ छात्र प्रतिनिधिमंडल की औपचारिक बैठक होने की संभावना है। प्रशासन का कहना है कि छात्रों की समस्याओं का समाधान बातचीत के जरिए निकालने का प्रयास किया जाएगा, वहीं छात्र भी अपनी सभी मांगों को सरकार के समक्ष मजबूती से रखने की तैयारी में हैं।
जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर पिछले कई दिनों से राजधानी रांची में छात्रों का आंदोलन जारी है। अब दोनों पक्षों के बीच वार्ता पर सहमति बनने और प्रतिनिधिमंडल तय हो जाने के बाद आंदोलन के समाधान की उम्मीद बढ़ गई है। सरकार और छात्र प्रतिनिधिमंडल के बीच होने वाली बैठक पर पूरे राज्य की निगाहें टिकी हुई हैं।

