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Jamshedpur firing followup : बाराद्वारी फायरिंग मामले में दो आरोपी गिरफ्तार, हथियार मुहैया कराने वाले की भूमिका की भी जांच तेज

बाराद्वारी गोलीकांड की पूरी घटना आसपास लगे निगरानी कैमरों में कैद हो गई थी। पुलिस ने फुटेज को जांच का अहम हिस्सा बनाया। फुटेज में घटना से जुड़े लोगों और वारदात के दौरान की गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है

by Rakesh Pandey
Jamshedpur Firing
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जमशेदपुर : सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के बाराद्वारी में आबिद हुसैन पर हुई फायरिंग की घटना में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान गोदू काशीडीह निवासी असमुलु और साकची निवासी दशरथ शुक्ला के रूप में हुई है। दोनों से पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। जांच का मुख्य फोकस फायरिंग के पीछे की वजह, आरोपियों की भूमिका और घटना में इस्तेमाल किए गए हथियार तक पहुंचने पर है।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि दशरथ शुक्ला पर घटना में हथियार उपलब्ध कराने का आरोप है। हालांकि, पुलिस इस बिंदु की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हथियार कहां से आया, उसे किसने उपलब्ध कराया और वारदात में गिरफ्तार दोनों आरोपियों की वास्तविक भूमिका क्या थी। इसके साथ ही गोली चलाने वाले व्यक्ति और घटना में शामिल अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

बाराद्वारी फायरिंग में चार राउंड गोली चलने की जानकारी

जानकारी के अनुसार, गुरुवार देर रात आबिद हुसैन अपने घर के सामने दोस्तों के साथ बैठा हुआ था। इसी दौरान किसी बात को लेकर वहां विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते कहासुनी बढ़ गई। इसी बीच स्कूटी पर सवार एक युवक वहां पहुंचा और आबिद हुसैन पर गोली चला दी। घटना के दौरान करीब चार राउंड फायरिंग किए जाने की जानकारी सामने आई है। इनमें दो गोलियां हवाई फायरिंग के तौर पर चलाए जाने की बात कही जा रही है, जबकि दो गोलियां आबिद हुसैन को लगीं। गोली लगने के बाद वह घायल हो गया। घटना के बाद आसपास के इलाके में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।

फायरिंग की सूचना मिलने के बाद सीतारामडेरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल की जांच की और वहां से गोली के खोखे बरामद किए। इसके बाद पुलिस ने आसपास लगे निगरानी कैमरों के फुटेज को खंगालना शुरू किया।

सीसीटीवी फुटेज से पुलिस को मिली जांच में मदद

बाराद्वारी गोलीकांड की पूरी घटना आसपास लगे निगरानी कैमरों में कैद हो गई थी। पुलिस ने फुटेज को जांच का अहम हिस्सा बनाया। फुटेज में घटना से जुड़े लोगों और वारदात के दौरान की गतिविधियों की जानकारी जुटाई गई। निगरानी कैमरों के फुटेज के साथ घटनास्थल से बरामद खोखे और अन्य साक्ष्यों को भी जांच में शामिल किया गया। इन्हीं आधारों पर पुलिस ने संदिग्धों की पहचान और उनकी गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई। जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

एमजीएम अस्पताल में घायल आबिद हुसैन का इलाज

फायरिंग में घायल आबिद हुसैन को घटना के बाद इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया। गोली लगने के बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। पुलिस घटना के कारणों के साथ घायल के बयान और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच कर रही है। फायरिंग की घटना के बाद पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के साथ आसपास के लोगों से भी जानकारी लेने की प्रक्रिया शुरू की। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि विवाद की शुरुआत किस बात को लेकर हुई थी और गोलीबारी तक मामला कैसे पहुंचा।

हथियार उपलब्ध कराने के आरोप की पुलिस कर रही जांच

पुलिस की पूछताछ में दशरथ शुक्ला द्वारा हथियार उपलब्ध कराए जाने की बात सामने आने की जानकारी है। हालांकि, इस आरोप की पुष्टि के लिए पुलिस आगे की जांच कर रही है। पुलिस हथियार की बरामदगी का प्रयास कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात में इस्तेमाल हथियार किसका था।

जांच के दौरान पुलिस गिरफ्तार आरोपियों के बीच संबंध और घटना से पहले तथा बाद की उनकी गतिविधियों की जानकारी भी जुटा रही है। हथियार की बरामदगी होने के बाद मामले की जांच को आगे बढ़ाने में पुलिस को अतिरिक्त साक्ष्य मिलने की उम्मीद है।

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