
रांची: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के पावन अवसर पर 2 अक्टूबर को राजधानी रांची का मोरहाबादी मैदान पूरी तरह देशभक्ति और बापू के विचारों से सराबोर दिखा। मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका में आयोजित राजकीय समारोह में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विशेष रूप से शिरकत की। दोनों ने राष्ट्रपिता की प्रतिमा पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें नमन किया और देश के निर्माण में उनके अप्रतिम योगदान को याद किया।
भजनों से भक्तिमय हुआ बापू वाटिका परिसर

श्रद्धांजलि सभा के दौरान बापू वाटिका का वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में रंगा नजर आया। रघुपति राघव राजा राम और बापू के अन्य प्रिय भजनों की गूंज से पूरा परिसर गूंज उठा। कार्यक्रम में मौजूद गणमान्य अतिथियों और आम नागरिकों ने राष्ट्रपिता द्वारा दिखाए गए सत्य, अहिंसा और स्वावलंबन के रास्ते पर चलने का संकल्प दोहराया।
दो महान विभूतियों की सोच को नमन: मुख्यमंत्री
इस मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि 2 अक्टूबर का दिन भारत के इतिहास का एक अमर अध्याय है। उन्होंने याद दिलाया कि आज का दिन देश के दो महान सपूतों-राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की पावन जयंती का दिन है।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार बापू के जीवन दर्शन को धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, बापू को सच्ची श्रद्धांजलि तभी दी जा सकती है, जब विकास का लाभ समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। हमारी सरकार इसी संकल्प के साथ निरंतर काम कर रही है।

