
गुमला: अगर आपके खाते से आपकी जानकारी के बिना धीरे-धीरे लाखों रुपये साफ हो जाएं, तो आप पर क्या बीतेगी? ऐसा ही एक अजीबोगरीब और गंभीर मामला गुमला स्थित बैंक ऑफ इंडिया की मुख्य शाखा से सामने आया है। यहां लीलावती देवी नाम की एक महिला के बचत खाते से करीब 1.35 लाख रुपये गायब हो गए। ताज्जुब की बात यह है कि महिला का दावा है कि उसने कभी पैसे निकालने के लिए किसी पर्ची या वाउचर पर अंगूठा तक नहीं लगाया था।
चार महीने में छह बार में खाली हुआ खाता
पीड़िता लीलावती देवी के मुताबिक, यह कोई एक दिन की धोखाधड़ी नहीं है। 11 जून से लेकर 16 सितंबर 2025 के बीच कुल छह बार में उनके खाते से 1,35,000 रुपये निकाले गए। हद तो तब हो गई जब मामले की शिकायत बैंक प्रबंधन से की जा चुकी थी, उसके बावजूद 16 सितंबर को खाते से फिर से 10,000 रुपये निकाल लिए गए।
जब पीड़िता ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया और जांच शुरू हुई, तो बैंक ने दो किस्तों में 70,000 रुपये 16 अक्टूबर 2025 को 60 हजार और 5 जनवरी 2026 को 10 हजार रुपये महिला के खाते में वापस जमा करा दिए । हालांकि, बाकी के 65,000 रुपये अब भी फंसे हुए हैं।
एक जैसे नाम का दिया जा रहा हवाला
बैंक सूत्रों के अनुसार, यह रकम किसी दूसरी ‘लीलावती’ नाम की महिला के खाते में ट्रांसफर या विड्रॉ हो गई थी। इस तर्क पर सवाल उठाते हुए अधिवक्ता अजय पपलू ने कहा कि सिर्फ नाम एक जैसा होने से बैंक इतनी बड़ी लापरवाही कैसे कर सकता है? अगर दोनों महिलाओं के पति का नाम, आधार/पहचान पत्र और पता अलग-अलग हैं, तो फिर सत्यापन प्रक्रिया में यह चूक कैसे हुई?
सीसीटीवी और अंगूठे के निशान से खुलेगा राज
अब इस पूरे मामले का सच सामने लाने के लिए निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है। अधिवक्ता और पीड़िता का कहना है कि निकासी के समय जमा किए गए वाउचर, अंगूठे के निशान और बैंक शाखा के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जाए, ताकि पता चल सके कि काउंटर पर पैसे
फिलहाल पीड़िता ने न्याय पाने के लिए गुमला थाना और जिला पुलिस कप्तान को लिखित आवेदन देकर एफआईआर दर्ज करने की गुहार लगाई है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि यह बैंक कर्मचारियों की इंसानी भूल थी या इसके पीछे कोई गहरी साजिश।

