RANCHI: स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में रिम्स की स्थाई वित्त एवं लेखा समिति की 14वीं बैठक मंगलवार को संपन्न हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में रिम्स के निदेशक सह सदस्य सचिव डॉ. राजकुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इस दौरान कुल 15 एजेंडों पर विस्तार से चर्चा की गई। जिनमें वित्तीय पारदर्शिता, अधोसंरचना विकास, चिकित्सा सेवाओं का विस्तार और प्रशासनिक सुधार प्रमुख रहे। इसके अलावा बिना स्वीकृति के जारी टेंडरों की उच्च स्तरीय जांच कराने का निर्णय लिया गया। समिति ने इस मामले में एक विशेष जांच कमेटी गठित करने का निर्णय लिया जो पूरे प्रकरण की समीक्षा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
प्रबंधन नहीं दे सका डिटेल
मेडिकल उपकरणों की खरीद में पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठे। जब समिति ने लागत का विवरण मांगा तो रिम्स प्रबंधन डिटेल्स उपलब्ध नहीं करा सका। इस पर अपर मुख्य सचिव ने कड़ी नाराजगी जताई और स्पष्ट किया कि बिना लागत विवरण के कोई भी खरीद प्रक्रिया नियमों के खिलाफ है। उन्होंने यह भी पूछा कि बिना समिति की स्वीकृति के एक करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं के टेंडर कैसे जारी किए गए। उन्होंने निर्देश दिया कि भविष्य में सभी टेंडर समिति की मंजूरी के बाद ही जारी होंगे।
12 मंजिला बनेंगे हॉस्टल
संस्थान के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले भी लिए गए। सभी नए हॉस्टलों को 12 मंजिला बनाने का निर्णय लिया गया, जिससे छात्रों और रेजिडेंट डॉक्टरों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेगी। अंडरग्रेजुएट हॉस्टल के नवीनीकरण और पोस्ट ग्रेजुएट हॉस्टल को पीपीपी मॉडल पर संचालित करने की संभावनाओं पर विचार करने को कहा गया। इसके अलावा रिम्स को अगले तीन महीनों में पूरी तरह कैशलेस और पेपरलेस बनाने का लक्ष्य दिया गया है। इसके लिए एक मजबूत आईटी सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं।
हॉस्पिटल में शुरू होगी रोबोटिक सर्जरी
इसके अलावा चिकित्सा सेवाओं के आधुनिकीकरण के तहत रोबोटिक सर्जरी शुरू करने की दिशा में भी पीपीपी मॉडल पर अध्ययन करने को कहा गया। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए रिटायर्ड एसपी या लेफ्टिनेंट कर्नल स्तर के सिक्योरिटी ऑफिसर और सहायक अधिकारियों की नियुक्ति का भी निर्णय लिया गया।
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