Home » Gumla News: रिटायरमेंट के बाद भी टीचर को मिला वेतन, छापेमारी से पहले ही पीट दिया ढिंढोरा

Gumla News: रिटायरमेंट के बाद भी टीचर को मिला वेतन, छापेमारी से पहले ही पीट दिया ढिंढोरा

प्रारंभिक जांच में पाया कि महाबीर साहू नामक शिक्षक ने रिटायरमेंट के बाद भी दो महीने तक वेतन प्राप्त किया। इस भुगतान के लिए प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी घनश्याम चौबे ने डीडीओ के रूप में हस्ताक्षर किए थे।

by Mujtaba Haider Rizvi
gumla scam
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

Gumla : गुमला जिले में शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहां एक रिटायर्ड शिक्षक ने दो महीने तक नियमित वेतन उठा लिया। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि वेतन बिल कार्यालय के बजाय साइबर कैफे में तैयार किए जा रहे थे।

जिला प्रशासन द्वारा गठित जांच समिति ने प्रारंभिक जांच में पाया कि महाबीर साहू नामक शिक्षक ने रिटायरमेंट के बाद भी दो महीने तक वेतन प्राप्त किया। इस भुगतान के लिए प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी घनश्याम चौबे ने डीडीओ के रूप में हस्ताक्षर किए थे।

जांच के दौरान शिक्षा विभाग में कई गंभीर अनियमितताएं भी सामने आईं। विभाग में वेतन पंजी उपलब्ध नहीं मिला, जिसमें शिक्षकों के वेतन और पद से जुड़ी जानकारी दर्ज रहती है। इसके अलावा रोकड़ बही भी सही तरीके से नहीं रखी जा रही थी। बकाया भुगतान से संबंधित कोई स्पष्ट रिकॉर्ड नहीं मिलने पर समिति ने इसे संदिग्ध माना है। जांच में यह भी पता चला कि शिक्षा विभाग समेत अन्य विभागों के कुछ डीडीओ अपने वेतन बिल साइबर कैफे में तैयार करवा रहे थे। इस सूचना के बाद प्रशासन ने ऐसे साइबर कैफे, खासकर सिस्टम एनालिसिस नामक ठिकानों पर छापेमारी की योजना बनाई थी।

कार्रवाइ से पहले ही पत्र वायरल

हालांकि, कार्रवाई से पहले ही छापेमारी से जुड़ा आधिकारिक पत्र वायरल हो गया, जिससे पूरी योजना उजागर हो गई। इसके चलते अब प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं। सवाल किया जा रहा है कि आखिर प्रशासन ने कार्रवाई से पहले ही इसका ढिंढोरा क्यों पीट दिया। फिलहाल वित्त विभाग के निर्देश पर ट्रेजरी से वेतन मद में हुई निकासी की जांच जारी है और मामले में आगे की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

Read also Jamshedpur Murder: लोको पायलट हत्याकांड में बागबेड़ा के जमीन कारोबारी व उसके दो बेटे नामजद, जल्द होगा पर्दाफाश

Related Articles

Leave a Comment