जमशेदपुर : कोल्हान विश्वविद्यालय में प्रोवीसी, रजिस्ट्रार व अन्य गैर शैक्षणिक पदाधिकारियों के पद रिक्त हैं। विधि में शिक्षकों की भी भारी कमी है। विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के पद खाली हैं। एसोसिएट प्रोफेसर के पदों पर भी सीधी भर्ती नहीं हुई है। इसके अलावा राज्य में लंबे समय से सहायक प्राध्यापक यानी असिस्टेंट की नियुक्ति नहीं होने से भी शिक्षकों की भारी कमी उत्पन्न हुई है। राज्य में वर्ष 208 के बाद असिस्टेंट नियुक्ति नहीं हुई है। कभी नई नियमावली गठित किए जाने से, तो कभी यूजीसी के रेगुलेशन में संशोधन होने से नियुक्ति नहीं हो सकी। शिक्षकों के अधिकतर पद रिक्त होने का असर उच्च शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ रहा है। सबसे ज्यादा असर पीएचडी पर पड़ रहा है।
यहां बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने देश के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में रिक्त पदों को 4 माह में भरने के निर्देश दिए हैं। इस दिशा में राज्य सरकार भी अब सक्रिय हो चुकी है। इस कारण संविदा सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति पर भी फिलहाल रोक लगी हुई है। कोल्हान विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर के 753 स्वीकृत पद है। इसमें से कार्यरत 231, रिक्त 522 हैं। इसी तरह एसोसिएट प्रोफेसर में 64 व प्रोफेसर में 23 स्वीकृत पद हैं। मगर एक भी कार्यरत नहीं हैं।
लंबे समय से असिस्टेंट प्रोफेसरों को प्रोन्नति का लाभ भी नहीं मिला है। इस कारण एसोसिएट व प्रोफेसर की रिक्तियां खाली दिख रही है। हालांकि इस संबंध में उच्च शिक्षा विभाग के आदेश पर विश्वविद्यालय की ओर से प्रोन्नति का प्रस्ताव फिर से विभाग को भेजा गया है। विश्वविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक के रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रकिया झारखंड पात्रता परीक्षा (जेट) के परिणाम जारी होने के बाद शुरू होगी। जेपीएससी ने 29 मार्च को इस परीक्षा की संभावित तिथि घोषित की है।
मालूम हो कि यह पात्रता परीक्षा राज्य में 18 वर्ष बाद हो रही है। शिक्षकों की कमी के अलावा विश्वविद्यालय के पास प्रो-वीसी व रजिस्ट्रार सहित कई पद रिक्त हैं। विश्वविद्यालय के अनुसार, प्रो-वीसी के एक, रजिस्ट्रार के एक, वित्त पदाधिकारी का एक, परीक्षा नियंत्रक का एक, सहायक रजिस्ट्रार का तीन पद स्वीकृत है। ये सारे पद रिक्त हैं। वहीं डिप्टी रजिस्ट्रार की बात करें तो इसमें दो पद स्वीकृत हैं, एक रिक्त है। कुलपति की नियुक्ति 8 माह पूर्व हुई है। कुल 10 प्रशासनिक पदों पर दो कार्यरत हैं और आठ पद रिक्त हैं।
रिक्ति को लेकर कुलपति गंभीर : प्रवक्ता
कोल्हान विश्वविद्यालय के प्रवक्ता डॉ. अशोक कुमार झा ने कहा कि कुलपति, शिक्षकों के लंबित प्रोन्नति को लेकर काफी चिंतित हैं। प्रथम चरण की प्रोन्नति की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। इसके पूर्ण होने के बाद अग्रिम लंबित प्रोन्नति पर पूरा ध्यान दिया जाएगा। प्रयास होगा कि एसोसिएट प्रोफेसर व प्रोफेसर की प्रोन्नति का प्रस्ताव विभाग को उपलब्ध कराया जाए। विश्वविद्यालय प्रशासन इस पर तत्परता से काम करेगा।

