Jamshedpur : स्वच्छता को लेकर में जमशेदपुर अब एक बड़ा लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है। स्वच्छ सर्वेक्षण को ध्यान में रखते हुए जेएनएसी ने 7-स्टार गार्बेज फ्री सिटी प्रमाणन हासिल करने और 3 से 7 लाख जनसंख्या वर्ग में देश का सबसे साफ सुथरा शहर बनने का इरादा है। इसी मकसद से एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
इसकी अध्यक्षता जनरल मैनेजर (टाउन) एवं उप नगर आयुक्त (डीएमसी) ने की। मीटिंग में नए मूल्यांकन ढांचे, अंक प्रणाली और पिछले साल के प्रदर्शन पर मंथन किया। पिछले साल जो कसर रह गई है, उस आधार पर अधिकारियों ने रणनीति तैयार करते हुए साफ किया कि बेहतर रैंकिंग के लिए केवल प्रशासनिक कोशिश काफी नहीं होगी, बल्कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सबसे अहम होगी।
नागरिकों की भागीदारी से ही बनेगा स्वच्छ शहर
प्रशासन ने साफ किया है कि स्वच्छता अब सिर्फ नगर निकाय की जिम्मेदारी नहीं है। लोगों की आदतें और रोजमर्रा का व्यवहार ही शहर की रैंकिंग तय करेगा।
नागरिकों से अपील की गई कि वह
* गीले, सूखे और घरेलू खतरनाक कचरे का स्रोत पर पृथक्करण करें
* अलग किया हुआ कचरा ही डोर-टू-डोर कलेक्शन कर्मियों को दें
* सार्वजनिक स्थलों पर कचरा न फैलाएं
* सामुदायिक कूड़ेदानों का जिम्मेदारी से उपयोग करें
अधिकारियों ने बताया कि अगर ठोस व गीला कचरा मिला हुआ हो तो सीधे स्वच्छता अंक घटते हैं, जबकि पृथक्करण से रीसाइक्लिंग और प्रोसेसिंग बेहतर होती है।
होटल, रेस्टोरेंट और संस्थानों की भी जिम्मेदारी
होटल, रेस्टोरेंट, हॉस्टल, मैरिज हॉल और बड़े संस्थानों जैसे थोक कचरा उत्पादकों को अपने स्तर पर गीले कचरे का निस्तारण और प्रोसेसिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का सख्ती से पालन करने पर बल दिया गया।विद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों से भी छात्रों को स्वच्छता जागरूकता अभियानों से जोड़ने की अपील की गई, ताकि बचपन से ही स्वच्छता की आदत विकसित हो सके।

