Home » Jamshdpur Kairav Kidnapping : अपहरण करने के बाद कैरव को गया जी के उग्रवाद प्रभावित बीसर गांव में रखा गया था, पुलिस ने 6 अपहरणकर्ताओं को किया गिरफ्तार

Jamshdpur Kairav Kidnapping : अपहरण करने के बाद कैरव को गया जी के उग्रवाद प्रभावित बीसर गांव में रखा गया था, पुलिस ने 6 अपहरणकर्ताओं को किया गिरफ्तार

Jharkhand Hindi News : पुलिस मुठभेड़ में तीन बदमाश हुए हैं घायल, गिरफ्तारी के क्रम में छत से कूदने से एक बदमाश का पैर टूटा, चारों का एमजीएम में चल रहा है इलाज

by Mujtaba Haider Rizvi
Jamshdpur Kairav Kidnapping
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Jamshedpur : बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के सीएच एरिया से 13 जनवरी को युवा उद्यमी कैरव गांधी का अपहरण करने के बाद अपहरणकर्ता उन्हें बिहार के गया जी ले गए थे। गया जी के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के बीसर गांव में कैरव को एक घर में रखा गया था। यह गांव पहाड़ों और नदी से घिरा गांव है। यह गांव उग्रवाद प्रभावित है। पुलिस ने कैरव को बरामद करने के बाद इस गांव में छापामारी की और उस स्थान की पुष्टि की जहां कैरव को रखा गया था। कैरव से पूछताछ में भी जो लोकेशन सामने आई थी। वह इससे मिलती-जुलती है।

पुलिस ने इस मामले में छह बदमाशों को गिरफ्तार किया है। जो बदमाश पकड़े गए हैं उनमें तीन बिहार के नालंदा के और दो गया जी के और एक पटना का रहने वाला है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त स्कॉर्पियो बरामद की है। जो बदमाश गिरफ्तार हुए हैं उनमें बिहार के नालंदा के इस्लामपुर थाना क्षेत्र के माधरवेन का रहने वाला गुड्डू सिंह, बिहार के गया जी जिला के बुनियादगंज थाना क्षेत्र के सौंधी गांव का रहने वाला उपेंद्र सिंह, इसी गांव का रहने वाला अर्जुन सिंह, नालंदा के इस्लामपुर थाना क्षेत्र के सिलहरी गांव का रहने वाला इमरान आलम उर्फ आमिर, इसी गांव का रहने वाला रमीज राजा और पटना के आगमकुआं थाना क्षेत्र के आइओसी कॉलोनी कुम्हारार का रहने वाला मोहन प्रसाद हैं। एक बदमाश के घर पर जब दबिश दी गई तो वह अपने छत से कूद गया। इस घटना में उसका पैर टूट गया है। उसको भी इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

सिटी एसपी के नेतृत्व में बनी एसआईटी की अहम रही भूमिका

पुलिस ने बताया कि कैरव गांधी के अपहरण के बाद पुलिस के सामने एक चैलेंज था कि उन्हें सकुशल बरामद करे। इसके लिए सिटी एसपी कुमार शिवाशीष के नेतृत्व में एसआईटी बनाई गई थी। एसआईटी के अंडर में पुलिस की कई टीमें में बनाई गई थीं। एसआईटी की टीमें लगातार छापामारी कर रही थीं। जमशेदपुर पुलिस बिहार पुलिस के लगातार संपर्क में थी। बिहार में कई ठिकानों पर छापामारी की जा रही थी।

बिहार में लगातार दबिश दे रही थी जमशेदपुर पुलिस

इस वजह से अपहरणकर्ता दबाव में थे और 26 जनवरी की रात पुलिस को सूचना मिली कि अपहरणकर्ता कैरव को कहीं अन्यत्र शिफ्ट करने जा रहे हैं। पुलिस की कई टीमें अपहरणकर्ताओं की टोह में लग गईं। इसके बाद अपहरणकर्ताओं के कान खड़े हो गए। उन्होंने कैरव को हजारीबाग के पास जीटी रोड पर चौपारण और बरही के बीच में छोड़ दिया और फरार हो गए।

बरही के पास से गिरफ्तार हुए थे तीन बदमाश

पुलिस ने कैरव को सकुशल बरामद किया और 27 जनवरी उनके परिजनों को सौंप दिया। इसके बाद पुलिस ने इसी दिन छापामारी कर तीन बदमाशों रमेश, इमरान और गुड्डू सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। पकड़े गए बदमाशों से लगातार पूछताछ की गई। इनसे पूछताछ के बाद और भी नाम सामने आए। इसके बाद पुलिस ने उपेंद्र सिंह, अर्जुन सिंह और मोहन कुमार प्रसाद को गिरफ्तार किया।

अपहरण कांड में स्थानीय बदमाशों की भी संलिप्तता, हो रही छापेमारी

एसपी ने बताया कि कैरव अपहरण कांड में स्थानीय अपराधियों का भी एक नेटवर्क कम कर रहा था। इन अपराधियों ने कैरव की रेकी की थी और बिहार के बदमाशों को सूचना मुहैया कराई थी। पुलिस इस स्थानीय नेटवर्क का पता लगा रही है। जल्द ही इन स्थानीय बदमाशों को भी गिरफ्तार किया जाएगा। इस मामले में कुछ बिहार के भी बदमाश हैं, जो इस घटना में संलिप्त पाए गए हैं। वह फरार हैं। उनकी भी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।

पकड़े जाने के डर से साईं मंदिर के पास छिपा दी थीं पिस्टल

एसएसपी ने बताया कि रमेश, इमरान और गुड्डू सिंह ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि कैरव को पिस्तौल दिखाकर उसका अपहरण किया गया था। जब गाड़ी आगे बढ़ी तो उन लोगों ने पिस्तौल साईं मंदिर के पास झुरमुट में इसलिए छिपा दिया कि आगे जाने पर कहीं चेकिंग में वह लोग पकड़े न जाएं। पुलिस जब रमेश, इमरान और गुड्डू सिंह को पिस्तौल की खोज के लिए साईं मंदिर के पास जंगलों में ले गई। तो इन्होंने पिस्तौल बरामद कराई। लेकिन इसी बीच एक बदमाश ने कार्बाइन छीन कर पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। यह लोग भागने की फिराक में थे। इस पर पुलिस ने गोली चलाई, तो रमेश इमरान और गुड्डू सिंह घायल हो गए हैं। उनके पैर में गोली लगी है। इनको इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पुलिस को नहीं लगीं एक भी गोलियां

एसपी ने बताया कि बदमाशों ने पुलिस पर 6 गोलियां चलाई थीं। लेकिन इत्तेफाक से यह गोलियां किसी को नहीं लगीं। पुलिस की तरफ से पांच गोली चलाई गई हैं।

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