Garhwa: गढ़वा जिले का डंडा प्रखंड अब खत्म हो जाएगा। डंडा में संचालित प्रखंड कार्यालय को बंद कर दिया जाएगा। जिला प्रशासन ने इसके लिए मुख्य सचिव को अनुशंसा भेजी है। यह जानकारी बाहर आते ही डंडा प्रखंड में बवाल मच गया है। डंडा प्रखंड के हजारों लोग गढ़वा पहुंचे और वहां प्रदर्शन किया। उनकी मांग है कि डंडा प्रखंड को कायम रखा जाए।

प्रखंड के मानक पर नहीं उतर रहा खरा
बताया जा रहा है कि एक प्रखंड बनाने के लिए प्रखंड के सभी गांव की आबादी कम से कम सवा लाख होनी चाहिए। लेकिन, डंडा प्रखंड की आबादी बेहद कम है। एक और नियम है कि एक प्रखंड तभी बनता है जब उसके अंदर कम से कम 10 पंचायत हों। लेकिन सिर्फ तीन पंचायतों को जोड़कर ही डंडा प्रखंड बना दिया गया है। इसके अलावा, डंडा प्रखंड की जिला मुख्यालय से कम से कम 30 किलोमीटर दूरी होनी चाहिए। लेकिन गढ़वा से डंडा प्रखंड इससे कम दूरी पर है।
घाटे में चल रहा है डंडा प्रखंड
इसी वजह से, डीसी दिनेश यादव ने डंडा प्रखंड को खत्म करने के लिए मुख्य सचिव को पत्र लिख दिया है। लेकिन, ग्रामीण चाहते हैं कि डंडा प्रखंड बना रहे। ताकि, उन्हें कोई दिक्कत नहीं हो। डीसी का कहना है कि इस प्रखंड से ज्यादा राजस्व नहीं आ पाता। वित्तीय भार ज्यादा हो रहा है। यानी, सरकार इस प्रखंड पर खर्च ज्यादा कर रही है और आमदनी कम है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो गया डीसी का लेटर
गौरतलब है कि डीसी ने मुख्य सचिव को डंडा प्रखंड बंद करने के लिए जो पत्र लिखा। वह सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके चलते लोगों में जिला प्रशासन के प्रति नाराजगी भर गई।
लोकभवन का घेराव करने की चेतावनी
ग्रामीणों का कहना है कि अगर उनकी बात नहीं मानी जाती तो वह राजधानी जाकर लोक भवन का घेराव करेंगे। इलाके के नेता कह रहे हैं कि डीसी को ऐसा नहीं करना चाहिए। पता नहीं क्यों वह ऐसा कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि डंडा प्रखंड को बचाने के लिए जो आंदोलन करना होगा। वह करेंगे। गौरतलब है कि साल 2008 में डंडा प्रखंड बनाया गया था। तब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पिता स्वर्गीय शिबू सोरेन ने इस प्रखंड का उद्घाटन किया था।

