Home » JHARKHAND NEWS: मुख्यमंत्री ने वन विभाग के अधिकारियों के साथ की बैठक, हाथियों के हमले पर बोले…

JHARKHAND NEWS: मुख्यमंत्री ने वन विभाग के अधिकारियों के साथ की बैठक, हाथियों के हमले पर बोले…

हाथियों के हमले से किसी भी व्यक्ति की न हो मृत्यु, जान-माल की क्षति पर जताई चिंता

by Vivek Sharma
CM MEETING ELEPHANT
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

RANCHI: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। जिसमें उन्होंने अधिकारियों को जंगली हाथियों के हमलों को हर हाल में रोकने और आम लोगों की जान-माल की सुरक्षा को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने वन विभाग के अधिकारियों से कहा कि हाथियों के हमले से एक भी व्यक्ति की मौत न हो यह वन विभाग सुनिश्चित करे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वैसे प्रभावित क्षेत्र जहां हाथी लगातार जान-माल को क्षति पहुंचा रहे है वहां बचाव व सुरक्षा के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं।

हमलों पर जताई चिंता

मुख्यमंत्री ने हाथियों के बढ़ते हमलों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले कुछ दिनों में हाथियों के हमलों से बड़ी संख्या में कैजुअल्टी की सूचना मिली है। रामगढ़, बोकारो, हजारीबाग, चाईबासा, जमशेदपुर, लोहरदगा, गुमला, दुमका आदि जिला में हाथी के हमलों से पिछले कुछ महीनों में लगभग 27 लोगों की मृत्यु हुई है। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों से कहा कि जिन क्षेत्रों में हाथियों द्वारा जान-माल को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, उन इलाकों के ग्रामीणों को विशेष तकनीकी प्रशिक्षण देकर एलीफेंट रेस्क्यू टीम तैयार की जाए। ग्रामीण क्षेत्र से हाथी के विचलन को रोकने के लिए तमाम उपाय किए जाएं।

ग्रामीणों को उपलब्ध कराएं सामग्री

ग्रामीणों को मशाल जलाने के लिए डीजल और किरोसिन तेल, पुराने टायर, टॉर्च, सोलर सायरन इत्यादि उपलब्ध कराए जाएं ताकि ग्रामीणों को हाथी भगाने में सहूलियत हो सके। वन विभाग प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों के साथ बेहतर समन्वय के साथ जागरूकता अभियान और सुरक्षा के जरूरी उपाय करे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि झारखंड में बड़ी संख्या में हाथी विचलन करते हैं। जंगल के इलाकों से कुछ हाथी भटक कर ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंच जाते हैं फिर वन विभाग इन हाथियों से ग्रामीणों को सुरक्षित करने के लिए कोई बेहतर मेकैनिज्म क्यों तैयार नहीं कर पाया है।

क्विक रिस्पांसिबल मेकेनिज्म किया जा रहा तैयार

अधिकारियों ने कहा कि वन विभाग द्वारा जल्द हाथी रेस्क्यू हेतु एक बेहतर क्विक रिस्पांसिबल मेकैनिज्म तैयार करने की योजना है। विभाग द्वारा 6 कुनकी हाथी मंगाए जा रहे हैं, जिसकी मदद से ट्रैकिंग सिस्टम में सहयोग मिल सकेगा। अधिकारियों ने कहा कि वन विभाग जल्द प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों को एलीफेंट रेस्क्यू हेतु विशेष प्रशिक्षण देगी। मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि एलीफेंट रेस्क्यू सिस्टम को मजबूत बनाने को लेकर विभाग द्वारा एलीफेंट रेस्क्यू विशेषज्ञ की मदद भी ली जाएगी।

मुआवजा देना सुनिश्चित करें

मुख्यमंत्री ने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि जान-माल की क्षति पर मुआवजे की राशि पीड़ित परिवार को प्रदान करने में विलंब न हो। उन्होंने कहा कि जानवरों के हमले से अगर किसी भी व्यक्ति की मृत्यु होती है तो घटना के 12 दिन के भीतर पीड़ित परिवार को मुआवजा की पूरी राशि मिलनी चाहिए। अधिकारियों को निर्देश दिया कि एनिमल अटैक से संबंधित कंपनसेशन के जो भी प्रावधान पहले से बनाए गए है उन नियमों में आवश्यक संशोधन कर पीड़ित परिवारों को जल्द से जल्द राहत पहुंचाने के लिए प्रभावी नियमावली बनाई जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग अक्सर हिंसक जानवरों के हमले का शिकार होते हैं जिससे उनकी न केवल मृत्यु होती है बल्कि आजीविका के प्रमुख स्रोत फसल और पशुधन भी प्रभावित होते हैं।

पिछले 5 सालों का मांगा डेटा

मुख्यमंत्री ने पिछले 5 वर्ष में हुए कैजुअल्टी की संख्या और कंपनसेशन से संबंधित डेटा राज्य सरकार को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के भीतर सभी एलिफेंट कॉरिडोर की मैपिंग की जाए। पीड़ितों को उचित व त्वरित राहत देने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य किए जाएं। हमले से जीवन की क्षति, स्थाई दिव्यांगता, पशुधन संपत्ति और फसल नुकसान को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। उन्होंने पिछले कुछ महीनो में हुए हाथियों द्वारा हमले की घटनाओं पर विस्तृत जानकारी मांगी। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया की हजारीबाग क्षेत्र में पांच हाथियों का झुंड है जो काफी एग्रेसिव है। इन हाथियों के हमलों को रोकने के लिए 70 लोगों की टीम लगाई गई है। वन विभाग हाथियों की एक्टिविटी को लेकर अलर्ट मोड पर है।

इनकी रही मौजूदगी

मुख्य सचिव अविनाश कुमार, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव अबू बकर सिद्दीकी पी, पीसीसीएफ (हॉफ) संजीव कुमार, पीसीसीएफ (वाइल्डलाइफ) रवि रंजन, सीसीएफ (वाइल्डलाइफ) एसआर नाटेश, आरसीएफ हजारीबाग आरएन मिश्रा, आरसीएफ बोकारो सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

READ ALSO: Gumla ACB Raid : गुमला में एसीबी की बड़ी कार्रवाई, 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते लघु सिंचाई कार्यालय का Cashier गिरफ्तार

Related Articles

Leave a Comment