RANCHI: कांग्रेस पार्टी ने हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा किए गए यूएस ट्रेड डील को लेकर सवाल उठाए हैं। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव प्रणव झा ने कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि यह डील भारत के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है और अमेरिकी हितों के लिए ही फायदेमंद है। उन्होंने कहा कि एपस्टिन फाइल में मोदी सरकार के मंत्री का नाम आना और अमेरिका में उद्योगपति गौतम अडानी पर कसते शिकंजे के दबाव में यह डील संभव हो सका। सरकर 6 गुना टैरिफ बढ़ने की खुशी मना रही है। उन्होंने कहा कि देश में जो हो रहा है वह रहस्यमय तरीके से हो रहा है, आम लोगों को कुछ पता नहीं चल रहा है।

सरप्लस ट्रेड बदल जाएगा डेफिसिट ट्रेड में
2025 में अमेरिका को हमारा निर्यात 86 बिलियन डॉलर और आयात 46 बिलियन डॉलर था। 40 बिलियन ट्रेड सरप्लस था। अब अमेरिका से 100 बिलियन डॉलर का अतिरिक्त सामान खरीदना है। जिससे सरप्लस ट्रेड डेफिसिट ट्रेड में बदल जाएगा। चीन के साथ पहले ही 116 बिलियन का व्यापार घाटा है। कृषि क्षेत्र को भी अमेरिकी किसानों के लिए खोल दिया गया है। अमेरिकी किसानों को 64 लाख रुपए सब्सिडी प्रतिवर्ष मिलती है जबकि भारतीय किसानों को मुश्किल से 12000 प्रतिवर्ष।
किसानों के लिए तबाही
कपास किसानों के लिए यह ट्रेड डील तबाही की तरह है। अमेरिका ने हमारे टेक्सटाइल और कपड़ों पर 18% और बांग्लादेश पर 0% टैरिफ लगाया है। अगर बांग्लादेश अमेरिका का कपास खरीदेगा तो उसे कपड़े पर 0% टैरिफ लगेगा। भारत से एक्सपोर्ट होने वाले कुल कपास का 75% बांग्लादेश खरीदता है। अब यही कपास जीरो प्रतिशत टैरिफ पर बांग्लादेश अमेरिका से खरीदेगा जो सीधा भारत के कपास किसानों के लिए तबाही की डील है।
अमेरिका के हुक्म पर रुस से तेल खरीदना भारत बंद कर देगा जबकि अपनी जरूरत का 40% सस्ता तेल भारत अभी रुस से खरीदता था। इसके अलावा उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या इस डील से पहले राज्यों से परामर्श किया गया था और क्या संसद में इस समझौते की शर्तें सार्वजनिक की जाएंगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो और अन्य नेताओं ने इस डील को देश की संप्रभुता के खिलाफ बताते हुए कहा कि मोदी सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था को अराजकता में धकेल दिया है।

