Jamshedpur : मानगो नगर निगम चुनाव (Mango Nagar Nigam Election) में कांग्रेस के अंदर जबर्दस्त बगावत शुरू हो गई है। कांग्रेस के नए जिला अध्यक्ष परविंदर सिंह स्थिति को नहीं संभाल पा रहे हैं। मामले की शिकायत कांग्रेस के आलाकमान से होने के बाद उन्हें कांग्रेस के एक पुराने नेता जितेंद्र सिंह को पार्टी से निकालना पड़ा है। जितेंद्र सिंह ने कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार सुधा गुप्ता के सामने अपनी पत्नी पार्वती देवी को चुनाव मैदान में उतारा है और लगातार वह उनके पक्ष में प्रचार भी कर रहे हैं।

गौरतलब है कि मानगो नगर निगम के मेयर पद के लिए चुनाव प्रचार जोर-शोर से चल रहा है। कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता की पत्नी सुधा गुप्ता हैं। उनके सामने कांग्रेस के अपने ही लोग उनके विरोध में उतरे हुए हैं। कांग्रेस के नेता फिरोज खान की पत्नी जेबा खान ने भी नामांकन कर दिया है। वह भी चुनाव मैदान में हैं। हालांकि, जेबा खान को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से 6 साल के लिए निलंबित कर दिया गया है।
कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार के खिलाफ प्रचार कर रहे थे जीतेंद्र
कांग्रेस के नेता जितेंद्र सिंह ने भी अपनी पत्नी पार्वती देवी को (Mango Nagar Nigam Election) चुनाव मैदान में उतारा है। वह भी पत्नी के चुनाव प्रचार में जोर-शोर से जुटे हुए हैं। जेबा खान के खिलाफ कार्रवाई तो बहुत पहले कर दी गई थी। लेकिन, जितेंद्र सिंह पर कार्रवाई के लिए उहापोह की स्थिति बनी हुई थी। बताते हैं कि कांग्रेस के अंदर कुछ नेता नहीं चाहते थे कि जितेंद्र सिंह का निष्कासन हो। लेकिन, मामले की शिकायत जब प्रदेश अध्यक्ष से की गई और दिल्ली से दबाव बना। तब जितेंद्र सिंह को पार्टी से निकाला गया है। बताया जा रहा है कि पार्टी के नए जिला अध्यक्ष परविंदर सिंह स्थिति को नहीं संभाल पा रहे हैं। कांग्रेस के अंदरूनी हालात दिन ब दिन खराब होते जा रहे हैं।
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पार्टी के अंदर जिला अध्यक्ष का शुरू हो गया है तगड़ा विरोध
प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश की तरफ से पहले ही इस बात के निर्देश दिए गए थे कि नगर निकाय चुनाव में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार के खिलाफ कोई भी चुनाव नहीं लड़ेगा। लेकिन पार्टी की जिला इकाई की ढिलाई की वजह से पार्टी के नेताओं की पत्नियों ने नामांकन कर दिया। कहा जा रहा है कि अगर नामांकन से पहले ही सहमति बना ली जाती तो ऐसा नहीं होता। पार्टी के अंदर के कई पुराने नेताओं ने जिला अध्यक्ष को सलाह दी थी कि नामांकन से पहले ही एक बैठक बुलाकर आपस में सहमति बना ली जाए। लेकिन लापरवाही बरती गई और नतीजा यह हुआ कि कांग्रेस के नेताओं की दो पत्नियां चुनाव मैदान में डट गईं। बताया जा रहा है कि एक बार नामांकन हो जाने के बाद स्थिति को संभालना मुश्किल हो गया है। पार्टी के नेताओं को भले ही पार्टी से निकाल दिया गया है, लेकिन कांग्रेस को चुनाव में इसका खामियाजा भुगतना ही होगा। क्योंकि जितेंद्र सिंह की पत्नी पार्वती देवी और फिरोज खान की पत्नी जेबा खान चुनाव मैदान में डटी हुई हैं और कांग्रेस को लगातार नुकसान पहुंच रहा है। जितेंद्र सिंह को पार्टी से निकाले जाने के बाद हलचल तेज हो गई है।
पहले भी पार्टी से निलंबित किया जा चुके हैं जितेंद्र सिंह
कांग्रेस के कार्यालय प्रभारी संजय सिंह आजाद ने पत्र जारी कर जितेंद्र सिंह के पार्टी से 6 वर्षों के निष्कासन की पुष्टि कर दी है। पत्र में कहा गया है कि जितेंद्र सिंह ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव में भी पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर उम्मीदवारी की थी। हालांकि वह हार गए थे। तब भी पार्टी से उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया गया था। विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद जितेन्द्र सिंह वापस पार्टी में शामिल हो गए थे और तब उन्होंने आश्वासन दिया था कि वह अब अनुशासित कार्यकर्ता के रूप में काम करेंगे। लेकिन, नगर निगम चुनाव आते ही उन्होंने फिर बागी रूप अख्तियार कर लिया।
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