Ranchi : मंगलवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में झारखंड मंत्रिपरिषद की बैठक में 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े अहम फैसले लिए गए। निकाय चुनाव के चलते लगी आचार संहिता की वजह से बैठक के फैसलों की जानकारी नहीं दी गई। सूत्रों के अनुसार, बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय राज्य के निजी नर्सिंग कॉलेजों में नियमों के विरुद्ध नामांकित छात्रों से संबंधित रहा। कैबिनेट ने ऐसे अभ्यर्थियों को विशेष छूट देते हुए परीक्षा में बैठने की अनुमति प्रदान कर दी।
जानकारी के अनुसार, कई छात्रों का नामांकन झारखंड संयुक्त प्रतियोगिता प्रवेश परीक्षा पर्षद की निर्धारित काउंसिलिंग प्रक्रिया से इतर सीधे निजी नर्सिंग कॉलेजों द्वारा किया गया था। तकनीकी मान्यता और प्रक्रियागत अनियमितताओं के कारण झारखंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी ने इन छात्रों की परीक्षाएं आयोजित नहीं की थी। इस वजह से वर्षों से नामांकित सैकड़ों छात्र-छात्रा परीक्षा से वंचित रह गए थे और उनका भविष्य अधर में लटका हुआ था। ऐसे में विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखकर एक बार के लिए नियमों में ढील दी गई है।
प्रभावित छात्रों को विशेष अनुमति से परीक्षा में बैठने का अवसर दिया जाएगा। भविष्य में प्रवेश प्रक्रिया केवल निर्धारित नियमों और काउंसिलिंग प्रणाली के तहत ही मान्य होगी।
सरकार के इस निर्णय से लंबे समय से परेशान विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा एक डॉक्टर सहित और तीन पदाधिकारियों को बर्खास्त किया गया।
अन्य विभागीय प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई है।
नेतरहाट आवासीय विद्यालय के नियमों में बदलाव, खिलाड़ियों को पेंशन
कैबिनेट ने नेतरहाट आवासीय विद्यालय के संचालन में बदलाव किया है। अब सभापति के लिए योग्यता निर्धारित कर दी गई है, जिसमें कला, संस्कृति, विज्ञापन, प्रबंधन या अन्य क्षेत्रों में 10 वर्ष का अनुभव जरूरी होगा। इसके अलावा, विद्यालय के प्राचार्य, उप प्राचार्य, शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मियों की नियुक्ति जेपीएससी या जेएसएससी के माध्यम से होगी। रांची साइंस सेंटर के विकास के लिए 255 करोड़ मंजूर किए गए। खिलाड़ियों को 12000 से 30000 रुपये पेंशन देने के प्रस्ताव को कैबिनेट में मंजूरी दे दी।

