RANCHI: झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। 15वें वित्त आयोग के तहत राज्य को हेल्थ सिस्टम में बड़े स्तर पर सुधार के लिए 5 अरब 16 करोड़ 70 लाख रुपये की राशि मिली है। इस राशि का उपयोग राज्य में हेल्थ सेंटर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, नए भवन निर्माण और डायग्नोस्टिक सुविधाओं के विस्तार के लिए किया जाएगा। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उम्मीद है। बता दें कि अलग अलग हेल्थ सेंटरों के लिए राशि तय की जा चुकी है। वहीं खर्च करने की स्वीकृति भी मिल गई है।
अब हेल्थ सेंटर का होगा अपना भवन
इस राशि का बड़ा हिस्सा बिना भवन वाले सब हेल्थ सेंटर, प्राइमरी हेल्थ सेंटर (पीएचसी) और कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (सीएचसी) के निर्माण और विकास पर खर्च किया जाएगा। इसके लिए कुल 11322 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे उन स्वास्थ्य केंद्रों को अपना स्थाई भवन मिल सकेगा जो अब तक अस्थायी भवनों में संचालित हो रहे हैं।इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए रूरल सब सेंटर और प्राइमरी हेल्थ सेंटर को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (एचडब्लूसी) में परिवर्तित करने की योजना है। इसके लिए 1174.44 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बनने के बाद इन केंद्रों में प्राथमिक उपचार के साथ कई अन्य स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट से राहत
ब्लॉक स्तर पर हेल्थ सिस्टम को मजबूत करने के लिए ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट के विकास के लिए 186.90 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं। इससे ब्लॉक स्तर पर स्वास्थ्य योजनाओं की निगरानी और प्रबंधन को बेहतर बनाया जा सकेगा। इसके अलावा सब हेल्थ सेंटरों में डायग्नोस्टिक सुविधाओं के विकास के लिए सबसे अधिक 19051.12 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को जांच के लिए दूर शहर में नहीं आना पड़ेगा। इसी तरह प्राइमरी हेल्थ सेंटर में डायग्नोस्टिक हेल्थ सेंटर विकसित करने के लिए 11658.26 लाख रुपये की राशि निर्धारित की गई है।
अर्बन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर
शहर में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। अर्बन प्राइमरी हेल्थकेयर सुविधाओं में डायग्नोस्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए 497.28 लाख रुपये दिए गए हैं। वहीं अर्बन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की स्थापना और सुदृढ़ीकरण के लिए 7780 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता दोनों में सुधार की संभावना जताई गई है।

