Jamshedpur : पूर्वी सिंहभूम जिले के बोड़ाम प्रखंड की बोंटा पंचायत अंतर्गत कदोगोड़ा (बोटा गांव) के माझी टोला में पिछले कई वर्षों से पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है। सोमवार को टोला के ग्रामीणों ने उपायुक्त को आवेदन सौंपकर खराब पड़े डीप बोरिंग की मरम्मत कर जल्द से जल्द पेयजल की व्यवस्था कराने की मांग की।ग्रामीणों ने बताया कि कदोगोड़ा के माझी टोला में करीब 16 अनुसूचित जनजाति (सांवताल) परिवार रहते हैं। चार साल पहले सरकार की तरफ से यहां सोलर सिस्टम के साथ पानी की टंकी और डीप बोरिंग निर्माण की योजना शुरू की गई थी, ताकि टोला के सभी घरों तक स्वच्छ पेयजल पहुंच सके। लेकिन यह काम अधूरा ही छोड़ दिया गया।
ग्रामीणों के अनुसार बोरिंग के लिए गड्ढा तो खोद दिया गया, लेकिन उसमें मशीन और पाइप नहीं लगाया गया। इस कारण आज तक उस डीप बोरिंग से पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी। अधूरे पड़े गड्ढे में पानी भर गया है, लेकिन मशीन और पाइप नहीं होने से उसका कोई उपयोग नहीं हो पा रहा है।पानी की समस्या के कारण टोला के लोगों को आज भी जंगल के अंदर स्थित एक झरना (तुडिया) से पानी लाना पड़ता है। ग्रामीणों ने वहां अस्थायी रूप से एक छोटी हाड़ी बनाकर पानी जमा करने की व्यवस्था कर रखी है और उसी पानी का उपयोग पीने तथा घरेलू कामों में किया जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि झरने का पानी पूरी तरह स्वच्छ नहीं होता, जिससे बच्चे और बुजुर्ग अक्सर बीमार पड़ जाते हैं। साथ ही झरना गांव से काफी दूर जंगल के अंदर होने के कारण खासकर महिलाओं और बच्चियों को पानी लाने में काफी परेशानी और जोखिम उठाना पड़ता है। बरसात और गर्मी के मौसम में स्थिति और भी ज्यादा गंभीर हो जाती है।ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पहले भी जुगसलाई के विधायक मंगल कालिंदी से इस समस्या के निदान की मांग की थी। मगर, उन्होंने ध्यान नहीं दिया। इसके बाद वह अब डीसी ऑफिस आए हैं।
साथ ही विधायक से एक बार फिर उन्होंने इस समस्या से निजात दिलाने को कहा है। विधायक मंगल कालिंदी से मांग की है कि कदोगोडा के माझी टोला में बने डीप बोरिंग में मशीन और पाइप लगाकर उसे चालू कराया जाए तथा सोलर सिस्टम को भी शुरू कर जल्द से जल्द पेयजल आपूर्ति बहाल की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द व्यवस्था नहीं की गई तो गांव में जल संकट के साथ-साथ बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है।

