RANCHI: देशभर में रांची के सदर अस्पताल ने आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज करने में अव्वल स्थान प्राप्त किया था। क्लेम कर करोड़ों रुपए वसूले और उसे हॉस्पिटल को बेहतर बनाने में खर्च भी कर रहा है। लेकिन बीपीएल मरीजों की सीटी स्कैन और एमआरआई फिलहाल बंद कर दी गई है। काम करने वाली एजेंसी को हॉस्पिटल प्रबंधन ने मरीजों की जांच करने के बाद भुगतान नहीं किया है। लगभग 32 लाख रुपए एजेंसी के फंसे हुए है। इस वजह से ही एजेंसी ने फिलहाल बीपीएल मरीजों की जांच रोक दी है। ऐसे में मरीजों को जांच कराने में परेशानी हो रही है। इतना ही नहीं उन्हें प्राइवेट सेंटर या फिर रिम्स कैंपस में चल रहे हेल्थमैप सेंटर की दौड़ लगानी पड़ रही है। बता दें कि सदर में फिलहाल कृष्णा एजेंसी रेडियोलॉजी सेंटर का संचालन कर रही है।
6 महीने हुई थी मरीजों की जांच
दिसंबर 2025 से सेवा बंद होने के बाद से एजेंसी ने नए मरीजों का सीटी और एमआरआई नहीं किया है। एजेंसी का कहना है कि 6 महीने जांच करने के बाद उन्होंने प्रबंधन को पत्र लिखा था। लेकिन आजतक कोई जवाब नहीं मिला और न ही कोई निर्देश दिया गया है। ऐसे में एजेंसी कोई भी रिस्क लेने के मूड में नहीं है। वहीं सिविल सर्जन ने माना कि एजेंसी का लाखों रुपए बकाया है। जिसका भुगतान कर दिया जाएगा।

