रांची : मार्च का महीना… जब आमतौर पर धूप की तपिश बढ़ने लगती है और लोग हल्के कपड़ों की तरफ बढ़ते हैं। लेकिन इस बार झारखंड में मौसम ने जैसे कैलेंडर ही पलट दिया हो- जहां गर्मी की आहट होनी चाहिए थी, वहां ठंडी हवाएं, बारिश और ओलों की मार ने फिर से सर्दियों का एहसास लौटा दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, आज भी कई जिलों में बारिश की संभावनाएं बनी हुई हैं।
राजधानी रांची से लेकर लातेहार तक तापमान में आई गिरावट ने लोगों को हैरान कर दिया है, जबकि कई जिलों में जारी येलो अलर्ट ने चिंता और बढ़ा दी है। इस बदले हुए मौसम ने न सिर्फ जनजीवन को प्रभावित किया है, बल्कि किसानों की मेहनत पर भी संकट खड़ा कर दिया है।
कई जिलों में फसलों को भारी नुकसान
मौसम के बिगड़े मिजाज का सबसे ज्यादा असर कृषि क्षेत्र पर पड़ा है। कोडरमा, गुमला, पलामू, गिरिडीह, गोड्डा और दुमका जैसे जिलों में स्थिति गंभीर बताई जा रही है। कई स्थानों पर भारी बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया है, जबकि ओलावृष्टि ने खड़ी और कटी हुई फसलों को नुकसान पहुंचाया है। विशेष रूप से दलहन और तिलहन की फसलें, जो कटाई के बाद खेतों में पड़ी थीं, खराब होने की कगार पर पहुंच गई हैं। किसानों को आर्थिक नुकसान की आशंका बढ़ गई है और स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
बारिश और ओलावृष्टि
पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि भी हुई, जिससे तापमान में अचानक गिरावट आई। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसम प्रणाली के सक्रिय होने के कारण हुआ है। ठंडी हवाओं और बादल छाए रहने से दिन का तापमान भी सामान्य से नीचे बना हुआ है, जिससे लोगों को मार्च में ही सर्दी जैसा अनुभव हो रहा है।
जल्द मिल सकती है राहत
मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि अब यह मौसम प्रणाली धीरे-धीरे कमजोर पड़ रही है। आने वाले दिनों में आसमान साफ होने की संभावना है, जिससे तापमान में फिर से बढ़ोतरी हो सकती है। इसके साथ ही लोगों को ठंड और बारिश से राहत मिलने की उम्मीद है।
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