RANCHI : सदर हॉस्पिटल में गंभीर मरीजों के इलाज को लेकर सवाल खड़ा हो गया है। एक ओर जहां हॉस्पिटल में हर दिन हजारों मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, वहीं वेंटिलेटर जैसी लाइफ सेविंग फैसिलिटी की कमी सामने आई है। स्थिति को देखते हुए सिविल सर्जन ने स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर वेंटिलेटर की मांग की है। जिससे कि गंभीर मरीजों को वेंटिलेटर की सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। बता दें कि वर्तमान में हॉस्पिटल में केवल 4 वेंटिलेटर बेड के सहारे सैकड़ों गंभीर मरीजों का इलाज किया जा रहा है। इससे डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर भारी दबाव है। कई बार मरीजों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे हॉस्पिटलों में रेफर करना पड़ रहा है।
पीएम केयर से मिले थे 75 वेंटिलेटर
जानकारी के अनुसार कोरोना काल के दौरान पीएम केयर फंड से जिले के लिए 75 वेंटिलेटर उपलब्ध कराए गए थे। इन वेंटिलेटरों ने उस समय कई मरीजों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। लेकिन अब सभी 75 वेंटिलेटर उपयोग में नहीं हैं और अस्पताल में कबाड़ की तरह पड़े हुए हैं। यह स्थिति स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। इस मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने इन वेंटिलेटरों की वर्तमान स्थिति और उपयोग को लेकर सिविल सर्जन से विस्तृत जानकारी मांगी है। इससे साफ है कि मामला अब उच्च स्तर तक पहुंच चुका है और जल्द ही इस पर कार्रवाई हो सकती है। केंद्रीय मंत्री ने पूछा है कि वेंटिलेटर की स्थिति खराब है तो ये भी बताना चाहिए।
850 से अधिक बेड है हॉस्पिटल में
सदर हॉस्पिटल की बात करें तो 200 बेड के साथ चालू हुए इस हॉस्पिटल में 850 से अधिक इनडोर बेड पर मरीजों का इलाज चल रहा है। वहीं ओपीडी में प्रतिदिन लगभग 2 हजार मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इतनी बड़ी संख्या में मरीजों के बावजूद वेंटिलेटर जैसी महत्वपूर्ण सुविधा का अभाव चिंता का विषय है। डॉक्टरों का कहना है कि यदि सभी वेंटिलेटरों को चालू कर दिया जाए तो गंभीर मरीजों को बेहतर और समय पर इलाज मिल सकता है। इससे न सिर्फ रेफरल का दबाव कम होगा, बल्कि अस्पताल की सेवाएं भी मजबूत होंगी।
पीएम केयर वाले वेंटिलेटर काम के नहीं
सिविल सर्जन डॉ प्रभात कुमार ने बताया कि जैसा वेंटिलेटर हमें चाहिए वैसा पीएम केयर से मिला वेंटिलेटर नहीं है। उन्होंने कहा कि केवल हाई फ्लो ऑक्सीजन देने का काम उस वेंटिलेटर का है। हमारे पास हाई फ्लो ऑक्सीजन अवेलेबल है जो उसकी तुलना में अच्छा है। हालांकि उन्होंने ये भी स्वीकार किया कि फिलहाल पीएम केयर से मिले 75 वेंटिलेटर काम के लायक नहीं है। उन्होंने कहा कि विभाग को 30 वेंटिलेटर उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। जल्द ही व्यवस्था में सुधार होगा।

