जमशेदपुर : पोटका से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां करीब 11 करोड़ रुपये की लागत से बना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) उद्घाटन से पहले ही जर्जर हालत में पहुंच गया है। पहली ही बारिश में भवन की गुणवत्ता की पोल खुल गई और इसका एक पिलर भरभरा कर गिर गया।
बताया जा रहा है कि जिस पिलर पर लाइटनिंग अरेस्टर लगाया गया था, वही अचानक गिर गया। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं मरीजों और गर्भवती महिलाओं की सुविधा के लिए बनाया गया रैंप भी अब असुरक्षित हो गया है, जिसकी छत टूटकर गिर चुकी है। गनीमत रही कि घटना के समय वहां कोई मौजूद नहीं था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। कांग्रेस नेता जयराम हांसदा ने आरोप लगाया कि निर्माण के दौरान ही घटिया सामग्री के इस्तेमाल की शिकायत की गई थी, लेकिन अधिकारियों ने इसे नजरअंदाज कर दिया। अब जब भवन के पिलर गिरने लगे हैं, तो यह साफ हो गया है कि निर्माण में भारी लापरवाही और भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
इस मामले पर सीएचसी प्रभारी डॉ. रजनी महाकुड़ ने बताया कि घटना की जानकारी सिविल सर्जन और उपायुक्त को दे दी गई है। सोमवार को इसकी विस्तृत रिपोर्ट सौंपी जाएगी। हालांकि ठेकेदार ने मरम्मत का भरोसा दिया है, लेकिन स्थानीय लोगों को अब पूरे भवन की मजबूती पर ही संदेह है।

