Chaibasa : सारंडा की महिला नक्सली मोंगड़ी होनहागा ने राउरकेला (ओडिशा) में आत्मसमर्पण कर दिया। मोंगड़ी ने पुलिस को बताया कि संगठन के अंदर नक्सली उसका मानसिक उत्पीड़न कर रहे थे। इसी से तंग आ कर उसने सरेंडर करने का फैसला किया। इसके अलावा, उसे ओडिशा की पुनर्वास नीति भी पसंद आई है।
सोमवार को राउरकेला स्थित पुलिस मुख्यालय में डीआईजी बृजेश कुमार राय व एसपी नितेश बाघवानी के समक्ष आत्मसमर्पण करने वाली मोंगड़ी (19) पश्चिमी सिंहभूम जिले के छोटानागरा थाना अंतर्गत मारांगपोंगो गांव की रहने वाली है। वह एलजीएस (स्थानीय गुरिल्ला स्क्वाड) की सदस्य के रूप में एसवीएन (दक्षिण छोटानागरा) डिवीजन में सक्रिय थी। मोंगड़ी ने कहा कि माओवादी विचारधारा में भटक कर वह संगठन में शामिल हुई थी, लेकिन वहां शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न से तंग आकर वह मुख्यधारा में लौटकर समाज में इज्जत से जीना चाहती है।
वह राउरकेला पुलिस के संपर्क में कई दिनों से थी। उसे माओवादी संगठन में शामिल करने में अनमोल उर्फ सुशांत की मुख्य भूमिका थी। पुलिस उसे 2,25,000 रुपये की गई आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। इसके अलावा उसे घर बनाने, विवाह करने, कौशल विकास प्रशिक्षण और स्वास्थ्य कार्ड जैसी सुविधाएं भी दी जाएंगी।
बांको पत्थर खदान में हुए आईडी विस्फोट मामले में थी शामिल
बताया जा रहा है कि नक्सली मोंगड़ी बांको पत्थर खदान में हुए आईडी विस्फोट मामले में शामिल थी। इसके अलावा उस पर चंदा वसूली जैसे अपराध में शामिल होने का आरोप लगा था। 19 जनवरी साल 2022 कुमडीही जंगल में सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई थी। इसमें भी मोंगड़ी के शामिल होने का आरोप लगा था। उस पर संगठन में रसद की आपूर्ति की जिम्मेदारी थी। बताया जा रहा है कि मोंगड़ी को अनमोल दस्ते ने संगठन में जोड़ा था।

