
Jamshedpur : बर्मामाइंस थाना क्षेत्र की ट्यूब कॉलोनी के पास सड़क किनारे सब्जी और फल विक्रेताओं द्वारा किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए मंगलवार को टाटा स्टील लैंड डिपार्टमेंट की टीम पहुंची। टीम के मौके पर पहुंचते ही स्थानीय दुकानदारों ने कार्रवाई का जोरदार विरोध शुरू कर दिया।
दुकानदारों के विरोध के कारण मौके पर स्थिति तनावपूर्ण होने लगी। मामले की जानकारी मिलने के बाद समाजसेवी बंटी सिंह को भी मौके पर बुलाया गया। स्थानीय दुकानदारों ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का विरोध करते हुए अपनी आपत्ति जताई।
विरोध के बीच टाटा स्टील लैंड डिपार्टमेंट की टीम ने फिलहाल कार्रवाई नहीं की और मौके से वापस लौट गई। घटना के बाद क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने को लेकर स्थानीय दुकानदारों और टाटा स्टील प्रबंधन के बीच विवाद की स्थिति बनी हुई है।
गौरतलब है कि जमशेदपुर में बड़े पैमाने अतिक्रमण है। यहां कोई भी इलाका हो अतिक्रमण का शिकार है। मानगो में डिमना रोड, ओल्ड पुरुलिया रोड और न्यू पुरुलिया रोड पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण है। ओल्ड पुरुलिया रोड पर दोनों तरफ से दुकानदारों ने सड़क घेर रखी है। इस वजह से सड़क संकरी हो गई है। सड़क संकरी होने से दिन भर यहां जाम की स्थिति रहती है। आटो चालक कोढ में खाज का काम कर रहे हैं। एक आटो अगर सड़क पर दौड़ रहा है तो उसकी वजह से लंबा जाम लग जाता है। यही हाल न्यू पुरुलिया रोड का है। न्यु पुरुलिया रोड पर बारी मस्जिद के पास रोड नंबर दो, पायल टाकीज के आसपास का इलाका और रोड नंबर 12 के पास अतिक्रमण है। रोड नंबर 12 नेचर पार्क के पास मोड़ पर एक अवैध गुमटी रख दी गई है। यहां दूध-दही बिकता है। मगर, इस वजह से यहां दिन भर जाम की स्थिति रहती है। अक्सर यहां जाम की वजह से हादसे होते हैं। इस जगह दो साल पहले वन विभाग ने एक अवैध गुमटी को हटा दिया था। वह भी दूध-दही की दुकान थी। मगर, इधर साल भर पहले से यहां फिर एक अवैध दुकान खुल गई है।
साकची बाजार में अतिक्रमण का अब भी बोलबाला है। यहां अतिक्रमण की स्थिति ऐसी है कि बाजार में पैदल गुजरना दुश्वार है। यहां साल भर पहले अतिक्रमण हटाया गया था। जिस दिन अतिक्रमण हटाया गया उसी दिन शाम को यहां दुकानदारों ने फिर अतिक्रमण कर लिया। इसके बाद से यहां सड़क पर अतिक्रमणकारियों का राज है।
मानगो के आमबगान का भी यही हाल है। यहां कार गैराज वालों ने अवैध कब्जा कर रखा है। इस वजह से आमबगान मैदान की हालत बदतर हो गई है। यहां कई साल पहले अतिक्रमण हटाया गया था। मगर, इन दिनों फिर से अतिक्रमण हो गया है। पिछले साल जिला प्रशासन ने यहां से अतिक्रमण हटाने का प्लान बनाया था। मजिस्ट्रेट भी तैनात हो गए थे। मगर, आखिरी वक्त में यह कह कर अतिक्रमण हटाओ अभियान रोक दिया गया कि फोर्स की कमी की वजह से यहां से अतिक्रमण नहीं हटाया जा सकेगा।

