
चाईबासा : कोल्हान विश्वविद्यालय के दर्शनशास्त्र विभाग द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर गांधी जयंती समारोह का आयोजन हर्षोल्लास एवं गरिमापूर्ण वातावरण में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा, सादगी, स्वच्छता एवं मानवीय मूल्यों से परिचित कराना तथा उनके विचारों को जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कोल्हान विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अमर कुमार रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता मानविकी संकायाध्यक्ष डॉ. विजय कुमार पीयूष ने की।
कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण, विश्वविद्यालय के कुलगीत एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात महात्मा गांधी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया गया।
महात्मा गांधी के विचारों को जीवन में अपनाने के लिए किया प्रेरित
इस अवसर पर कुलपति प्रो. डॉ. अंजिला गुप्ता ने आयोजन टीम को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए कार्यक्रम की सफलता के लिए बधाई दी। उन्होंने महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा एवं मानवीय मूल्यों को वर्तमान समय में भी प्रासंगिक बताते हुए विद्यार्थियों को इन आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया गया। साथ ही विभिन्न प्रतियोगिताओं के लिए आमंत्रित नौ सदस्यीय निर्णायक मंडल के सदस्यों को पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया। निबंध-लेखन प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में डॉ. सरोज कुमार कैवर्त, दांगी सोरेन एवं डॉ. सुभाष चन्द्र महतो, वाद-विवाद प्रतियोगिता में बेहुला सरदार, डॉ. विनिता कच्छप एवं प्रदीप झा तथा भाषण प्रतियोगिता में डॉ. निवारण महथा, डॉ. संचिता भुई सेन एवं डॉ. मागुनी महाकुड़ शामिल रहे।
निबंध-लेखन में नमिता व वाद-विवाद प्रतियोगिता में रवि राज प्रथम
इस अवसर पर विद्यार्थियों के लिए निबंध-लेखन, वाद-विवाद एवं भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए महात्मा गांधी के जीवन, विचारों, सत्य एवं अहिंसा, स्वच्छता, सामाजिक समरसता तथा राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों पर अपनी प्रतिभा एवं विचार प्रस्तुत किए। प्रतियोगिताओं के पश्चात तीनों प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया।
तकनीक के विवेकपूर्ण उपयोग के साथ मानवीय संवेदनाओं और मूल्यों को बनाए रखने का आह्वान
इस अवसर पर अध्यक्षीय संबोधन में मानविकी संकायाध्यक्ष डॉ. विजय कुमार पीयूष ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि AI (Artificial Intelligence) ने आज मानवीय संवेदनाओं और मस्तिष्क को शिथिल बना दिया है। हम रोबोट से अपना सारा काम कर सकते हैं, लेकिन रोबोट पर निर्भर हो जाने से स्वयं को रोबोट बना लेना हमारे लिए घातक है। मशीन मनुष्य के लिए है, न कि मनुष्य मशीन के लिए। उन्होंने विद्यार्थियों से तकनीक के विवेकपूर्ण उपयोग के साथ मानवीय संवेदनाओं और मूल्यों को बनाए रखने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता एवं उत्साह विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों ने गांधीजी के विचारों को अपनी रचनात्मकता एवं अभिव्यक्ति के माध्यम से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में दर्शनशास्त्र विभाग के शिक्षक डॉ. अश्विनी कुमार एवं डॉ. प्रीति शर्मा, विभागीय सदस्यों एवं विद्यार्थियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। अंत में विभागाध्यक्ष डॉ. अर्चना कुमारी गुप्ता ने दर्शनशास्त्र विभाग की ओर से अध्यक्ष, मुख्य अतिथि, सभी नौ सम्माननीय निर्णायकगण, शिक्षकगण, विद्यार्थियों एवं कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन दर्शनशास्त्र विभाग के शिक्षक डॉ. अश्विनी कुमार ने किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ।
प्रतियोगिता के परिणाम
निबंध-लेखन प्रतियोगिता
प्रथम स्थान — नमिता महतो, इतिहास विभाग
द्वितीय स्थान — आकाश पूर्ति, भौतिकी विभाग
तृतीय स्थान — लक्ष्मी सिंह कुनतिया, हिंदी विभाग
वाद-विवाद प्रतियोगिता
प्रथम स्थान — रवि राज, इतिहास विभाग
द्वितीय स्थान — अमन कुमार, दर्शनशास्त्र विभाग
तृतीय स्थान — राखी कुजूर, भूगोल विभाग
भाषण प्रतियोगिता
प्रथम स्थान — शिव शंकर महापात्रा, शिक्षा विभाग
द्वितीय स्थान — ईशा कुमारी, दर्शनशास्त्र विभाग
तृतीय स्थान — राखी कुजूर, भूगोल विभाग

