
रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इन दिनों अपनी सियासी व्यस्तताओं को दरकिनार कर पूरी तरह से एक आम बेटे की भूमिका में नजर आ रहे हैं। उनकी दिवंगत मां रूपी सोरेन के श्राद्ध कर्म और संस्कार भोज की तैयारियां इन दिनों उनके पैतृक गांव रामगढ़ के नेमरा में युद्ध स्तर पर चल रही हैं। दुख की इस घड़ी में मुख्यमंत्री खुद गांव में डटे हुए हैं और एक-एक व्यवस्था की खुद निगरानी कर रहे हैं।
माता के निधन के बाद से ही नेमरा और आसपास के पूरे इलाके में गमगीन माहौल बना हुआ है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर सभी पारंपरिक और सामाजिक रीति-रिवाजों को पूरी श्रद्धा के साथ निभा रहे हैं। संस्कार भोज के इस बड़े आयोजन में किसी भी तरह की कोई कमी न रह जाए, इसके लिए वह खुद हर छोटी-बड़ी बात पर नजर बनाए हुए हैं।
सुरक्षा से लेकर मेहमानवाजी तक खुद संभाल रहे कमान
नेमरा गांव में होने वाले इस कार्यक्रम में राज्यभर से हजारों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। इसे ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। इसके साथ ही दूर-दराज से आने वाले मेहमानों के बैठने की व्यवस्था, उनके खाने-पीने और सत्कार में कोई चूक न हो, मुख्यमंत्री इन सभी बिंदुओं पर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ लगातार चर्चा कर रहे हैं।

अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहकर उनके हर निर्देश का मुस्तैदी से पालन कर रहे हैं। एक बड़े पद पर होने के बावजूद सीएम सोरेन का अपनी मिट्टी से जुड़ाव और मां के प्रति ऐसा समर्पण लोगों को भावुक कर रहा है। राजनीतिक जिम्मेदारियों से परे, वे इस मुश्किल समय में अपने परिवार के साथ खड़े होकर पुत्र धर्म की मिसाल पेश कर रहे हैं।
Read Also: Jharkhand Politics : आजसू छोड़ भाजपा में शामिल हुए हरेलाल, सुदेश महतो बोले- क्या यही है गठबंधन की मर्यादा?

