

-अदालत ने अपर न्यायालय में अपील करने के लिए दी सशर्त जमानत 14 जून
पाकुड़ : प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया से संबंध रखने के मामलें में अदालत ने बुधवार को जिला परिषद सदस्य हंजला शेख को तीन साल की सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये का अर्थदंड की सजा सुनाई है. सदर प्रखंड के मनिरामपुर गांव निवासी हंजला शेख को अनुमंंडल न्यायिक दंडाधिकारी निर्मल कुमार भारती की न्यायालय ने क्रिमिनल लॉ एमेन्डमेंट एक्ट के धारा 17 (1) एवं धारा 17 (2) के तहत दोषी पाते हुए सजा सुनाई है. मामलें में अदालत ने अपर न्यायालय में अपील करने के लिए सशर्त जमानत भी दे दिया है. विदित हो कि अभियुक्त हेंजला शेख पर प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फॉन्ट ऑफ इण्डिया से संबंध रखने और उक्त संगठन के माध्यम से अशांति फैलाने का दोषी पाया गया है. इस वाद में अभियोजन की तरफ से कुल 12 गवाहों ने गवाही दी. अभियोजन की तरफ से सहायक लोक अभियोजक राजेश लाल एवं बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता बोजले अहमद ने पक्ष रखा.

मालूम हो कि मुफ्सिल थाना की पुलिस ने साल 2019 में हंजला शेख के खिलाफ कांड संख्या 87/ 2019 दर्ज किया था. जिसमें उल्लेख किया गया था कि 24 जुलाई 2019 को हंजला शेख और मजीबुर रहमान के घर में छापेमारी की गई थी. इस दौरान हंजला शेख के घर से प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया से जुड़े 5 बैनर बरामद हुए थे. जिसको लेकर मामला दर्ज किया गया था.

