

चतरा : भद्रकाली महाविद्यालय के पूर्व प्रभारी प्राचार्य डा. सुरेंद्र कुमार तथा दानदाता सदस्य मनीष कुमार के विरुद्ध स्थानीय थाना में 37,96,944 रूपये के गबन का मामला दर्ज हुआ है। यह प्राथमिकी महाविद्यालय की शासी निकाय के सचिव डा. प्रदीप कुमार सिंह के निर्देश पर वर्तमान प्राचार्य डा. दुलार हजाम ने दर्ज कराई है। महाविद्यालय के कोष की राशि के गबन का यह मामला वित्तीय वर्ष 2016-17 का है। दर्ज प्राथमिकी में महाविद्यालय के पूर्व प्रभारी प्राचार्य डा. सुरेंद्र कुमार तथा दानदाता सदस्य मनीष कुमार के ऊपर आरोप लगाया गया है कि वित्तीय वर्ष 2016-17 में पूर्व प्रभारी प्राचार्य तथा दानदाता सदस्य ने संयुक्त हस्ताक्षर से 88 लाख 44 हजार 791 रूपये का चेक निर्गत किया था। हैरत की बात यह है कि दानदाता सदस्य मनीष कुमार जो सरकारी उत्क्रमित मध्य विद्यालय चक्रवार के प्रधानाध्यापक भी हैं, ने खुद को महाविद्यालय की राशि निकाय का सचिव बताते हुए चेक पर हस्ताक्षर किया। जबकि विनोबा भावे विश्वविद्यालय के द्वारा चतरा के तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी को महाविद्यालय की शासी निकाय का नामित सचिव बनाया गया था। प्राथमिकी में उल्लेखित है कि वित्तीय वर्ष 2016-17 का अंकेक्षण शासी निकाय के द्वारा जब वर्ष 2020 में कराया गया तब महाविद्यालय के कोष की उपरोक्त राशि के गबन का मामला प्रकाश में आया। हालांकि प्राथमिकी दर्ज होने के पश्चात सवाल यह भी उठ रहा है कि जब वर्ष 2020 में ही महाविद्यालय के कोष की राशि के गबन का मामला प्रकाश में आ गया था, तो फिर कार्रवाई करने में तीन वर्ष का विलंब क्यों हुआ ?

