

अररिया : अररिया जिला में आम की बढ़िया पैदावार होने के बावजूद किसानों को इसका समुचित लाभ नहीं मिल रहा है।बाहरी दूर दराज क्षेत्र से आए आम के कम कीमत के कारण स्थानीय किसानों को इसका समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है।फलस्वरूप आम बगान के मालिक और किसान कम कीमतों पर आम की बिक्री पैकार के हाथों बिक्री करने को मजबूर है।

आम बागान के मालिकों की माने तो आम का उचित भाव नहीं मिलने के कारण लागत भी नहीं निकल पा रहा है।फारबिसगंज प्रखंड के लहसुनगंज के मायाबाग के मालिकों का कहना है इस वर्ष बंगाल से बड़े पैमाने पर आम फारबिसगंज समेत पूरे जिला के बाजार में उपलब्ध है, जिस कारण सही दाम नहीं मिल पा रहा है।पेड़ों से आम के फल भारी मात्रा में गिर रहा है। इससे बागान मालिकों को नुकसान पहुंचा है। बागान मालिक पहले ही बाजार में आम के भाव नहीं होने से परेशान हैं।अब एक बार फिर तेज हवा ने बागान मालिकों की परेशानी बढ़ा दी है।आम के दाम में हुई गिरावट आई है।

बागान मालिक उमेश विश्वास ने बताया कि इस साल आम का उत्पादन अधिक हुआ हैं।इसकी वजह से बाजार में आम के दाम में गिरावट आई है। बताया कि इस साल भीषण गर्मी ने आम के बहुत नुकसान पहुंचाया है। पूर्वी हवा से भारी मात्रा में आम के फल गिर रहें हैं।

व्यापारी मो. महफूज की मानें तो मंडी में भी जल्दी आम लेने को तैयार नहीं हैं.हम औने-पौने दाम में आम बेच रहे हैं.वहीं आम विक्रेता और किसान अरविंद मंडल,अजय मंडल ने बताया कि तेज हवा की वजह से आम के भाव में 10 से 15 रुपए प्रति किलो कमी आई हैं।
मालदह आम पहले 40 से 50 रुपए किलो बिकता था। अब 25 से 35 रुपए किलो बिक रहा है। पके आम की तुलना में कच्चा आम 10 रुपए किलो महंगा बिक रहा है। आम विक्रेता ने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस साल सभी वेराइटी के आम सस्ता हैं।फारबिसगंज अनुमंडल कृषि पदाधिकारी ने बताया कि इस साल आम का उत्पादन अधिक हुआ है।इसी वजह से बाजार में आम सस्ता बिक रहा है।
