मुंबई : रिलायंस (Reliance) ने अब एक और बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत रिलायंस स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड (RISL) का डीमर्जर करने जा रही है। इस क्रम में उद्योगपति मुकेश अंबानी की बेटी ईशा (Isha Ambani) और पूर्व नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) राजीव महर्षि को रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) से अलग की गई वित्तीय सेवा कंपनी के निदेशक मंडल में शामिल किया गया है।

ऐसे में अगर आपके पास में भी रिलायंस कंपनी के शेयर्स हैं तो आपको इसका बड़ा फायदा मिलने वाला है।
विदित हो कि रिलायंस ने अपने वित्तीय सेवाओं के उपक्रम को रिलायंस स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड (RSIL) में विभाजित करने और इसका नाम बदलकर जियो फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (JFSL) के रूप में सूचीबद्ध करने का पहले ही ऐलान किया था।
डिमर्जर का प्रोसेस जल्द होगा पूरा:
रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरधारकों को हर एक शेयर के लिए बदले में एक जियो फाइनेंशियल सर्विसेज का शेयर दिया जाएगा। डिमर्जर की प्रक्रिया के पूरा होने के साथ जियो फाइनेंशियल को भारतीय स्टॉक एक्सचेंजों बीएसई और एनएसई पर लिस्ट कराने की प्रक्रिया की शुरुआत होगी।
20 जुलाई को मिलेंगे नई फर्म के शेयर्स
कंपनी ने शेयर बाजार को दी गई सूचना में कहा कि जहां कंपनी को अलग करने की प्रभावी तारीख एक जुलाई तय की गई है, वहीं, नई कंपनी के शेयर आवंटित करने के लिए 20 जुलाई की तारीख निर्धारित की गई है। यानी जिन भी लोगों के पास में रिलायंस के शेयर होंगे उन लोगों को नई फर्म के भी शेयर्स मिलेंगे।
नए निदेशकों की नियुक्ति को मिली मंजूरी
नई कंपनी के निदेशक मंडल की सात जुलाई को हुई बैठक में नए निदेशकों की नियुक्ति को मंजूरी दी गई। ईशा मुकेश अंबानी को गैर-कार्यकारी निदेशक नियुक्त किया गया है। कंपनी ने बताया कि गृह सचिव और सीएजी रह चुके पूर्व नौकरशाह राजीव महर्षि को आरएसआईएल में पांच साल के लिए स्वतंत्र निदेशक नियुक्त किया गया है।
हितेश कुमार बने RSIL के प्रबंध निदेशक
इंडियन बैंक्स एसोसिएशन के मुख्य कार्यकारी सुनील मेहता और पीडब्ल्यूसी के साथ काम कर चुके चार्टर्ड अकाउंटेंट बिमल मनु तन्ना को भी स्वतंत्र निदेशक नियुक्त किया है। बैंकर हितेश कुमार सेठिया को तीन साल के लिए आरएसआईएल (RSIL) का प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी नियुक्त किया गया है।
क्या सुविधाएं देगी कंपनी?
आपको बता दें यह कंपनी उपभोक्ताओं और कारोबारियों को संपत्ति के आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर लोन की सुविधा देगी। इसके साथ ही यह बीमा, भुगतान, डिजिटल ब्रोकिंग और परिसंपत्ति प्रबंधन सेवाएं भी देगी।

