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अब खनन पट्टा के पांच किमी की परिधि में ही होगा स्टोन क्रशर इकाईयों का संचालन

by Rakesh Pandey
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धनबाद : झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने स्टोन क्रशर उद्योगों के लिए नए नियम जारी कर दिए हैं। स्टोन क्रशर उद्योगों को कंसेट टू इस्टैबलिशमेंट (सीटीई) यानी स्थापना के लिए सहमति आदेश प्राप्त करने के लिए कुछ प्रमुख निर्देशों का पालन करना होगा। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि प्रस्तावित सीटीई के लिए क्रशर से निकटतम खनन पट्टा की दूरी पांच किमी से अधिक नहीं होगी। कहने का तात्पर्य है कि खनन पट्टा पांच किमी के अंदर के खनन पट्टा ही स्टोन क्रशर इकाई को कच्चा माल व बोल्डर उपलब्ध कराएंगे।

यह आदेश इसी वर्ष एक अक्टूबर से प्रभावी हो जाएगा। जेएसपीसीबी के सदस्य सचिव वाइके दास ने अपने निर्देश में स्पष्ट कहा है कि वर्तमान में संचालित वैध स्टोन क्रशर इकाइयों, जहां से क्रशर इकाई के लिए कच्चा माल प्राप्त करते हैं उनकी दूरी पांच किमी से अधिक है। ऐसे सभी स्टोन क्रशर एक जून 2025 तक खनन पट्टे के पांच किमी की दूरी के अंदर अपना उद्योग स्थानांतरित करेंगे।

यह भी देखा जाए कि खनन पट्टा क्रशर इकाई को कच्चा माल आपूर्ति कराने में सक्षम हो। एक जून 2025 के बाद अन्यत्र स्थल पर क्रशर संचालन सहमति आदेश नहीं दिया जाएगा। यहा बता दें कि इस समय धनबाद में 120 हार्डकोक और 150 साफ्ट उद्योग संचालित हैं। इसके साथ ही एक पावर प्लांट और 94 स्टोन क्रशर उद्योग भी हैं। 2011 में रोक के बाद 50 से अधिक उद्योग बंद हो गए।

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नए हार्ड कोक और साफ्ट कोक उद्योग लगाने पर पिछले माह ही लगाई थी रोक

झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड धनबाद में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए पिछले माह ही नए हार्ड कोक एवं साफ्ट कोक उद्योग लगाने पर रोक लगा चुका है। इससे पहले 2011 में धनबाद में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने किसी भी तरह के नया उद्योग धंधा लगाने पर रोक लगाई थी। धनबाद के बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए बोर्ड ने हार्ड कोक और साफ्ट कोक उद्योग लगाने पर रोक लगा दी है।

ऐसी इकाइयों को बोर्ड की ओर से कंसेट टू इस्टैबलिशमेंट (सीटीई) यानी स्थापना करने की सहमति नहीं दी जाएगी। यह निर्देश एक अक्टूबर से प्रभावी होगा। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एयर क्वालिटी इंडेक्स के मानक के अनुसार स्थिति सामान्य होने तक यह रोक लागू रहेगी। बोर्ड के सदस्य सचिव वाईके दास ने इस संबंध में निर्देश जारी कर दिया है।

इसमें यह भी कहा गया है कि 30 सितंबर तक आनलाइन कंसेंट मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से समर्पित ऐसे सीटीई आवेदन जो सभी प्रकार से पूर्ण होंगे उन्हीं पर विचार किया जाएगा। 30 सितंबर तक मिले आवेदन में किसी भी प्रकार की त्रुटि होने पर आवेदन रद कर दिया जाएगा। इस तिथि के बाद यानी एक अक्टूबर से किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।

जेएसपीसीबी ने स्टोन क्रशर को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। यह एक अक्टूबर से प्रभावी हो जाएगा। सभी स्टोन क्रशर को इस संबध में अवगत कराया जा रहा है।
– रामप्रवेश कुमार, क्षेत्रीय पदाधिकारी जेएसपीसीबी

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