

Jamshedpur : पूर्वी सिंहभूम जिले के 343 गांवों के अनुसूचित जनजाति के लोगों को सशक्त बनाया जाएगा। इन्हें कुशल बनाया जाएगा ताकि यह लोग अपनी रोजी रोटी कमा कर आत्मनिर्भर बन सकें।
इसके लिए जनजातीय सशक्तिकरण को समर्पित आदि कर्मयोगी अभियान के तहत आयोजित तीन दिवसीय मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण कार्यशाला का समापन सोन मंडप, सिदगोडा में सफलता पूर्वक संपन्न हुआ। इस प्रशिक्षण में जिले के 11 प्रखंडों से चयनित कुल 55 प्रतिभागियों को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया गया, जो अब अपने-अपने क्षेत्रों में बदलाव के वाहक के रूप में कार्य करेंगे।

कार्यशाला के समापन समारोह में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी और उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान उपस्थित रहे। उपायुक्त ने प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनरों को प्रमाण पत्र प्रदान करते हुए उन्हें अभियान को जमीनी स्तर पर सफलतापूर्वक क्रियान्वित करने के लिए प्रेरित किया।

अधिकारियों ने बताया कि यह प्रशिक्षण विभिन्न विभागों के समन्वय के साथ तैयार किया गया, ताकि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में कन्वर्जेंस की भूमिका सुनिश्चित की जा सके। प्रथम चरण में जिले के कुल 399 ग्रामों का चयन किया गया है, जहां 1 सितम्बर 2025 से अभियान की विधिवत शुरुआत होगी। पहले दिन प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों के लिए ओरिएंटेशन आयोजित किया जाएगा।

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जनजातीय समाज को आत्मनिर्भर और जागरूक बनाना है। उपायुक्त ने कहा कि इन प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनरों की भूमिका इस सामाजिक परिवर्तन की यात्रा में अत्यंत अहम होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि गांव-गांव में विकास की नई ऊर्जा पहुंचेगी और यह अभियान विकसित भारत के लक्ष्य की ओर एक मजबूत कदम साबित होगा।
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