रामगढ़ : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन ने बुधवार को शहीद दादा सोबरन सोरेन के 67वें शहादत दिवस के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। यह श्रद्धांजलि समारोह रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड के नेमरा गांव स्थित लुकैयाटांड़ में आयोजित किया गया, जहां शहीद दादा सोबरन सोरेन ने वीरगति प्राप्त की थी।
श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री ने किया शहीद का स्मरण
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा, “आज भी इस पहाड़ की तराई में दादा सोबरन सोरेन की शहादत का खून रूहों में बसा है। वह हमारे दिलों में हमेशा जिंदा रहेंगे।” मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि दादा सोबरन सोरेन की शहादत की यादों में गांव के लोगों का जुनून और संघर्ष आज भी उतना ही मजबूत है, जितना उस समय था।
सरकार गठन पर बोले मुख्यमंत्री, शपथ ग्रहण का दिन महत्वपूर्ण होगा
हेमंत सोरेन ने सभा में उपस्थित लोगों से संबोधित करते हुए राज्य सरकार के गठन की प्रक्रिया के बारे में बताया। उन्होंने कहा, “हमारे सरकार गठन का कार्य अभी जारी है और शपथ ग्रहण की प्रक्रिया शेष है। जब भी यहां आए हैं, तो परिसंपत्तियों का वितरण हुआ है, योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया गया है, लेकिन इस समय मैं कुछ भी ठोस कहने की स्थिति में नहीं हूं।” मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी को शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया और राज्य की नयी सरकार के निर्माण को ऐतिहासिक बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा, “रामगढ़ और गोला क्षेत्र के लोगों ने एक बड़ी लड़ाई लड़ी, और अब एक बार फिर से अबुआ दिशोम सरकार राज्य में स्थापित हो गई है।” मुख्यमंत्री ने रामगढ़ और गोला की जनता का आभार व्यक्त करते हुए उनका समर्थन भी धन्यवाद किया।

