नई दिल्ली : नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने एअर इंडिया की उड़ानों में संचालन मानकों के गंभीर उल्लंघन को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। नियामक ने एयर इंडिया को आदेश दिया है कि चालक दल की ड्यूटी निर्धारण (रोस्टरिंग) से जुड़े तीन अधिकारियों को तत्काल मौजूदा पद से हटाया जाए और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू की जाए।
DGCA का निर्देश: 10 दिन में सौंपें कार्रवाई रिपोर्ट
DGCA ने एयर इंडिया से स्पष्ट कहा है कि यह कार्रवाई यात्रियों की सुरक्षा और उड्डयन नियमों के अनुपालन के लिहाज से आवश्यक है। नियामक ने कहा कि किसी भी उड़ान को निर्धारित सीमा से अधिक समय तक संचालन में रखना सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। इस आदेश के तहत, एयर इंडिया को 10 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी, जिसमें संबंधित अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई का ब्योरा होगा।
चालक दल की थकान को लेकर गहराई चिंता
उड्डयन मानकों के अनुसार, किसी भी फ्लाइट क्रू को निर्धारित समय के भीतर पर्याप्त विश्राम देना अनिवार्य होता है। DGCA का कहना है कि अधिक उड़ानों में क्रू की ड्यूटी शेड्यूलिंग में लापरवाही देखी गई है, जिससे न केवल नियमों का उल्लंघन हुआ है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ी।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में कटौती की घोषणा
इन हालातों के बीच, एयर इंडिया ने 21 जून से 15 जुलाई 2025 तक 16 अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर उड़ानों में कटौती और तीन विदेशी गंतव्यों पर उड़ानों की अस्थायी समाप्ति की घोषणा की है। एयरलाइन ने कहा कि यह निर्णय यात्रियों को अंतिम समय में होने वाली असुविधाओं से बचाने और उड़ानों के समय निर्धारण में स्थिरता लाने के लिए लिया गया है।”
अहमदाबाद हादसे के बाद DGCA की बढ़ी निगरानी
12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर उड़ान में तकनीकी खामी के चलते आपात स्थिति उत्पन्न हो गई थी। इस घटना के बाद, एयर इंडिया ने 12 से 17 जून के बीच 66 उड़ानें रद्द कर दीं।
DGCA की जांच में किसी गंभीर तकनीकी खामी की पुष्टि
नहीं हुई, लेकिन रिपोर्ट में रखरखाव विभागों के बीच समन्वय की कमी और प्रक्रियात्मक कमजोरी को चिन्हित किया गया है।
DGCA की चेतावनी: परिचालन में सुधार नहीं तो होंगे और सख्त कदम
DGCA ने कहा है कि एयर इंडिया को अपने आंतरिक समन्वय और रखरखाव व्यवस्था में तत्काल सुधार करना होगा। यदि सुधार नहीं दिखे, तो भविष्य में और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
टाटा समूह के लिए चुनौतीपूर्ण दौर
टाटा समूह द्वारा अधिग्रहीत एअर इंडिया के लिए यह समय संचालन, सुरक्षा और सेवा गुणवत्ता के लिहाज से बेहद चुनौतीपूर्ण बन गया है। यात्रियों की बढ़ती शिकायतें, तकनीकी समस्याएं और नियामक दबाव ने एयरलाइन को कठिन स्थिति में खड़ा कर दिया है।

