नई दिल्ली। अरब सागर में करीब 217 समुद्री मील दूर पोरबंदर तट पर (attack on merchant ship) एक व्यापारिक जहाज पर शनिवार को संदिग्ध ड्रोन हमला हुआ है। जहाज के चालक दल में 21 भारतीय शामिल थे, लेकिन हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। भारतीय सेना के सूत्रों और एक समुद्री सुरक्षा एजेंसी ने यह जानकारी दी। यह घटना उस वक्त हुई, जब ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने इजरायल-हमास संघर्ष के बीच लाल सागर में जहाजों पर हमले तेज कर दिए हैं।

सूत्रों ने कहा कि यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस’ (यूकेएमटीओ) द्वारा घटना की सूचना दिए जाने के बाद नौसेना के पी-8आई समुद्री गश्ती विमान को जहाज और उसके चालक दल की सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है। विमान ने जहाज एमवी केम प्लूटो और उसके चालक दल के सुरक्षित होने का पता लगा लिया है। उन्होंने बताया कि भारतीय नौसेना ने व्यापारिक जहाज की मदद करने के लिए अग्रिम मोर्चे के एक युद्धपोत को भेजा है, जबकि भारतीय तटरक्षक ने भी कार्रवाई करते हुए अपने जहाज आईसीजीएस विक्रम को घटनास्थल के लिए रवाना किया है।
Attack on merchant ship: जहाज पर ड्रोन हमले की मिली रिपोर्ट
ब्रिटेन की रॉयल नेवी के मातहत काम करने वाली यूकेएमटीओ ने कहा कि उसे एक जहाज पर ड्रोन हमले की रिपोर्ट मिली है, जिससे विस्फोट हुआ और आग लग गई। यह घटना भारत में वेरावल से 200 समुद्री मील दक्षिण पश्चिम में हुई। उसने बताया कि आग बुझा दी गई है और कोई हताहत नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि यह जहाज सऊदी अरब के एक बंदरगाह से कच्चा तेल लेकर मंगलुरु बंदरगाह जा रहा था। सैन्य सूत्रों ने कहा कि जहाज अब निकटतम बंदरगाह की ओर बढ़ रहा है।(attack on merchant ship)
नौसेना के अधिकारी घटना पर बनाए हुए हैं नजर
भारतीय नौसेना के अधिकारियों ने कहा कि क्षेत्र में भेजे गए एक समुद्री गश्ती विमान ने व्यापारिक जहाज के ऊपर से उड़ान भरी और उसके साथ संपर्क स्थापित कर लिया है। नौसेना के एक अधिकारी (attack on merchant ship) ने कहा कि विमान ने जहाज और उसके चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटी हुई है। सूत्रों ने बताया कि जहाज पर सवार चालक दल के 22 सदस्य और जहाज केम प्लूटो सुरक्षित है|
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