RANCHI: रिम्स परिसर में अवैध निर्माण पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने हेमंत सरकार के भ्रष्ट सिस्टम को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है। वहीं अवैध निर्माण के लिए जिम्मेवार रजिस्ट्रार, अंचल अधिकारी, रांची नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी, रेरा के अधिकारी को अविलंब निलंबित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि फ्लैट खरीदने वाले निर्दोष लोगों को तत्काल सरकार को वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराना चाहिए। वहीं खरीदारों के बैंक लोन की जिम्मेवारी भी राज्य सरकार को लेनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश से रिम्स परिसर में बने अवैध निर्माण को तोड़ा जा रहा है जो बिल्कुल न्यायोचित और स्वागत योग्य है। लेकिन सवाल यहीं खत्म नहीं होता। मौके पर मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक, प्रवक्ता राफिया नाज, सह मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह, अशोक बड़ाइक उपस्थित थे।
सरकार को देनी है जमीन की जानकारी
बाबूलाल ने कहा कि आखिर हेमंत सरकार के इस भ्रष्ट तंत्र की सजा आम जनता क्यों भुगते। इस सरकार में तो सेना के जमीन की हेराफेरी मामले में आईएएस अधिकारी तक जेल जा चुके हैं। रिम्स परिसर में हुए अवैध निर्माण के लिए हेमंत सरकार का भ्रष्ट तंत्र पूरी तरह जिम्मेदार है। भ्रष्ट अधिकारी जिम्मेवार है, जिन्हें मुख्यमंत्री का संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने कहा कि जब कोई आम नागरिक फ्लैट या जमीन खरीदता है तो संबंधित जमीन को सरकारी या निजी संपत्ति बताने की जिम्मेवारी राज्य सरकार की है। आम आदमी तो सरकार के द्वारा जारी दस्तावेजों पर भरोसा करता है।
कैसे हो गई रजिस्ट्री
साथ ही कहा कि यदि रिम्स परिसर में अवैध निर्माण की जमीन रिम्स की थी तो फिर रजिस्ट्रार ने उस पर बने फ्लैट की रजिस्ट्री कैसे कर दी? रजिस्ट्रार का तो काम ही है रजिस्ट्री के पहले यह सुनिश्चित करना कि जमीन वैध है। भ्रष्टाचार के तार नीचे से ऊपर तक जुड़े हुए हैं। रजिस्ट्री के बाद जमीन का म्यूटेशन कैसे हो गया? झारखंड में तो म्यूटेशन के लिए आम आदमी वर्षों तक कार्यालय का चक्कर काटता है। लेकिन रिम्स के अवैध निर्माण पर हुए रजिस्ट्री का म्यूटेशन बड़ी आसानी से हो गया। निगर निगम से नक्शा भी पास हो गया।
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