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Babulal Marandi Allegations : BJP ने राज्य की हेमंत सरकार के खिलाफ जारी किया आरोप पत्र, बाबूलाल ने इस बात पर कहा-शर्म…

रोजगार, घुसपैठ, हत्या व बलात्कार के मुद्दे पर राज्य सरकार को लिया आड़े हाथ, क्या कहा-पढ़ें

by Anand Mishra
Babulal Marandig
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Jamshedpur/Ranchi (Jharkhand) : भारतीय जनता पार्टी (BJP) झारखंड में हेमंत सरकार पार्ट–2 के एक वर्ष पूरे होने पर शनिवार को सरकार के खिलाफ आरोप पत्र जारी किया। राजधानी रांची स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में प्रेसवार्ता के दौरान आरोप पत्र जारी करते हुए प्रदेश अध्यक्ष व नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी समेत अन्य नेताओं ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार पर जनविरोधी नीतियां अपनाने व विफलता का आरोप लगाया। बाबूलाल मरांडी ने मीडिया के समक्ष आरोप पत्र का मजमून प्रस्तुत करते हुए राज्य की वास्तविक स्थितियों को सामने रखा।

इस सरकार में ‘धोखा ही धोखा, रक्षक ही भक्षक’

उन्होंने कहा कि इस सरकार में राज्य करीब छह साल पीछे घसक गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए आरोप पत्र को ‘बर्बादी के छह साल’ शीर्षक दिया गया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का नाम लिए बगैर उन्होंने कहा कि ये अपनी सरकार को ‘अबुआ सरकार’ कहते हैं, लेकिन इस गठबंधन सरकार ने पूरे झारखंड को ही ठगा है। इसलिए यह ‘अबुआ’ नहीं ‘ठगुआ सरकार’ है। इस सरकार में ‘धोखा ही धोखा’ है। यहां रक्षक ही भक्षक है। क्योंकि यहां रक्षा करने वाली पुलिस ही भक्षक का काम कर रही है। मिलीभगत कर सबकुछ लुटवा रही है। इस गठबंधन ने चुनाव के दौरान ‘एक वोट, सात गारंटी’ की बात कही थी। मरांडी ने कहा कि राज्य में हेमंत सरकार पार्ट 2 का एक साल हो गया, लेकिन कुछ हुआ नहीं। आज जनजातीय समाज को लूटा जा रहा है। चंगाई सभा के नाम पर धर्मांतरण का खेल चल रहा है। स्वास्थ्य के नाम पर होनेवाली इस सभा को हेमंत सरकार प्रमोट कर रही है। जबकि, इसे प्रतिबंधित करना चाहिए। डायन-बिसाही, अंधविशास रुकने का नाम नहीं ले रहा है।

कार्डधारियों को पांच किलो अनाज भी नहीं

नेता प्रतिपक्ष मरांडी ने कहा कि मंईयां सम्मान में नए लोगों का नाम शामिल नहीं हो पा रहा है। पोर्टल ही बंद है। इस सरकार ने राशन कार्डधारियों को प्रतिव्यक्ति सात किलो अनाज देने का वादा किया था। दरअसल, केंद्र की मोदी सरकार ने ही पांच किलो अनाज देने की घोषणा की है। राज्य की इस सरकार ने उसे दो किलो बढ़ा कर देने का वादा किया था। लेकिन, सच्चाई तो यह है कि पांच किलो भी ठीक से सभी को नहीं मिल पा रहा है।

गैस सिलेंडर 450 रुपए में देने की गारंटी भी दी गई थी। लेकिन, एक साल हो गया, लेकिन आज तक किसी को नहीं मिला। 10 लाख युवक-युवतियों को रोजगार व 15 लाख तक पारिवारिक स्वास्थ्य बीमा का भी वादा किया गया था। आज स्थिति यह है कि पूरे राज्य में कुल स्वीकृत पदों के अनुपात में आधे से कम लोग कार्यरत हैं। छह साल में जितने लोग बहाल नहीं हुए, उससे अधिक लोग रिटायर हो गए। दो लाख पदों को तो इन्होंने पहले ही समाप्त कर दिया। अब पार्ट टू के एक साल होने पर 8 हजार 792 लोगों को नियुक्ति पत्र मिला है। अभी भी अस्पतालों समेत अन्य विभागों में डॉक्टर समेत अन्य कर्मचारियों के पद रिक्त हैं।

सिपाही दौड़ में 19 अभ्यर्थियों की मौत पर कहा…

मरांडी ने कहा कि वर्ष 2019 में सिपाही की बहाली निकली। उसके लिए वर्ष 2024 में चुनाव से पूर्व दौड़ हुई, जिसमें 19 अभ्यर्थियों की मौत हो गई, लेकिन इन्हें शर्म तक नहीं आई। अब उसका रिजल्ट निकाला है। उन्होंने राज्य की मौजूदा सरकार पर रोजगार के नाम पर यहां को नौजवानों को धोखा देने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि प्रखंडों में स्कूल, इंजीनियरिंग व मेडिकल कॉलेज और उद्योगों की स्थापना की बात कही गई थी। इसके अलावा किसान के कल्याण के लिए उनसे 3200 रुपए के भाव पर धान की खरीद का वादा किया गया था। लेकिन, सरकार बनते ही इसे यह 2400 रुपए कर दिया गया।

भ्रष्टाचार व अपराध को बढ़ावा और घुसपैठ को संरक्षण का आरोप

बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार में कई घोटालों की भी चर्चा की। उन्होंने इसमें जेएसएससी सीजीएल, टेंडर घोटाला, पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता, डिग्री घोटाला, स्वास्थ्य विभाग में घोटाला, शराब घोटाला, स्पोर्ट्स किट्स घोटाला, जमीन घोटाला, सरकारी पदों पर घोटाला, आपदा मोचन निधि घोटाला समेत भ्रष्टाचार के अन्य मामले गिनाए।

उन्होंने कहा कि इन छह वर्षों में दुमका से चाईबासा सबसे अधिक आदिवासी पीड़ित व प्रताड़ित रहे। सबसे अधिक आदिवासी युवतियों के दुष्कर्म व हत्या की घटनाएं हुई हैं। अबुआ सरकार को उन्होंने घुसपैठियों का पोषक व संरक्षक बताया। मरांडी ने कहा कि झारखंड की डेमोग्राफी बदली है। क्योंकि, पहले 1951 में आदिवासी समुदाय की आबादी 36 प्रतिशत थी, हिंदू की आबादी 87.9 प्रतिशत और मुस्लिम 8.9 प्रतिशत आबादी थी। वहीं, 2011 में आदिवासियों की आबादी 26 प्रतिशत, सनातनी हिंदुओं की 81.7 और मुस्लिम आबादी 14.5 प्रतिशत हो गई। ऑर्गेनिक तरीके से इस तरह जनसंख्या नहीं हो सकती। बांग्ला देश से माइग्रेट कर बंगाल, असम और मुर्शिदाबाद के रास्ते झारखंड में आकर यहां बस गए। उन्होंने कहा कि पूर्वी सिंहभूम जिले के चाकुलिया व घाटशिला में लोग मंईयां सम्मान योजना के पैसे उठा रहे थे। बाद में पता चला कि कोई पूर्णिया, तो कोई किशनगंज से था। ऐसे में यदि घुसपैठ नहीं हुआ है, तो यह सरकार एसआईआर (SIR)का विरोध क्यों कर रही है? यदि घुसपैठ नहीं है, तो एआईआर को लागू करें।

ये थे उपस्थित

प्रेसवार्ता में भाजपा के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, महामंत्री (संगठन) कर्मवीर, मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल, मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक, मीडिया सह प्रभारी योगेंद्र प्रताप एवं रविनाथ किशोर उपस्थित थे।

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