Jharkhand (Jamshedpur) : राज्य के भाजपा (BJP) प्रदेश अध्यक्ष व नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लिखे एक खुले पत्र में गंभीर बात कही है। मरांडी ने पत्र में यह उल्लेख किया है, “जितना बड़ा दुराचारी-उतना बड़ा अधिकारी।” दरअसल, बाबूलाल मरांडी ने अपने एक्स (X) हैंडल के माध्यम से सीएम हेमंत सोरेन को एक पत्र लिखा है। पत्र राज्य के एक ऐसे आईएफएस (IFS) अधिकारी के संदर्भ में लिखा है। उल्लेखनीय है कि मरांडी राज्य के ऐसा आईएएस (IAS), आईएफएस (IFS) अधिकारियों के खिलाफ लगातार हमलावर हैं, जो एक से अधिक पदों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इसे लेकर उन्होंने यह सवाल किया है, ‘यह क्या हो रहा है…?’

इससे पूर्व मरांडी ने धनबाद के उपायुक्त (DC) आदित्य रंजन के पास दो पद का कार्यभार होने को लेकर मुख्यमंत्री सोरेन को खुला पत्र लिखा था। उसी की तर्ज पर राज्य सरकार पर लगातार हमला जारी रखते हुए बाबूलाल मरांडी ने पुनः सीएम हेमंत सोरेन को एक खुला पत्र लिखा है। पत्र में इस बार उन्होंने आईएफएस (IFS) अधिकारी सबा आलम अंसारी को लेकर सवाल उठाया है, जो एक साथ पांच पदों को संभाल रहे हैं।

क्या है पत्र में
अपने एक्स हैंडल पर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने लिखा है, ‘ये क्या हो रहा है..एक तरफ आठ प्रशिक्षु IFS अधिकारी वेटिंग फॉर पोस्टिंग में हैं, और एक अधिकारी पांच महत्वपूर्ण पदों पर विराजमान हैं।’
अकेले पांच पद संभाल रहे IFS सबा आलम अंसारी
बाबूलाल मरांडी ने पहले तो धनबाद के उपायुक्त आदित्य रंजन के पास दो पदों की जिम्मेवारी होने का हवाला दिया है। इसके साथ ही लिखा है, ‘आदित्य रंजन के तर्ज पर वन विभाग में भी IFS अधिकारी सबा आलम अंसारी जमशेदपुर, सरायकेला व दलमा में डीएफओ एवं जमशेदपुर व चाईबासा के सीएफ जैसे पांच महत्वपूर्ण पदों पर आसीन हैं। अंसारी तीन डीएफओ और दो सीएफ का पद अकेले संभाल रहे हैं।’
बाबूलाल ने लगाया गंभीर आरोप
बाबूलाल मरांडी ने एक अधिकारी के पास पांच पदों की जिम्मेवारी को लेकर गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने लिखा है, ‘महत्वपूर्ण यह है कि डीएफओ के तौर पर राशि खुद खर्च कर रहे और खर्च की गई राशि का सुपरविजन सीएफ के तौर पर खुद ही कर रहे हैं… जैसे चारा घोटाले में अधिकारियों ने किया था। 2011 बैच के अधिकारी सबा आलम अंसारी द्वारा जानबूझकर प्रमोशन नहीं लिया जा रहा है, जिसके कारण सरकार द्वारा आठ प्रशिक्षु IFS अधिकारियों की पोस्टिंग लंबित रखा गया है।’ इसे महत्वपूर्ण बताते हुए मरांडी ने यह पोस्ट प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय गृह मंत्री, ईडी निदेशालय, सीबीआई मुख्यालय, इन्कम टैक्स विभाग समेत प्रमुख न्यूज एजेंसियों को टैग किया है।’
“संयोग है या… नमूना ?”
सोशल मीडिाय के माध्यम से बाबूलाल मरांडी ने राज्य भर का विभागीय फंड इन अधिकारियों के के अधिकार क्षेत्र में दि दिए जाने का का आरोप भी लगाया है। अपने पोस्ट के अंत में उन्होंने राज्य की मौजूदा सरकार में दुराचार की आशंका जताई है। उन्होंने लिखा है कि यह संयोग है या “जितना बड़ा दुराचारी-उतना बड़ा अधिकारी” का एक और नमूना? क्योंकि सरकार इन्हें सिर्फ पांच पदों पर ही विराजमान नहीं रखे हुए है… बल्कि राज्य भर के वन विभाग का लगभग आधा फंड इनके अधिकार क्षेत्र में दिया जा रहा है।

