
भवनाथपुर (गढ़वा) . झारखंड के गढ़वा जिले के भवनाथपुर मुख्य बाजार स्थित करमू होटल के समीप रविवार की देर रात दो बाइकों की आमने-सामने हुई भीषण टक्कर में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में इलाज के दौरान एक युवक की मौत हो गई, जबकि एक घायल को गंभीर स्थिति में गढ़वा रेफर किया गया है। मृतक की पहचान कांडी थाना क्षेत्र के चटनियां गांव निवासी उपेंद्र यादव, पिता बैजनाथ यादव के रूप में हुई है।
वहीं, दूसरे बाइक सवार भवनाथपुर थाना क्षेत्र के बूका टोला अमोला निवासी पप्पू चंद्रवंशी के पुत्र अलख चंद्रवंशी को गंभीर हालत में प्राथमिक उपचार के बाद गढ़वा रेफर किया गया। तीसरे घायल विकास पासवान, पिता शंकर पासवान का इलाज भवनाथपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जारी है। चिकित्सक डॉ. रविशंकर वर्मा और डॉ. प्रभात कुमार ने घायलों का प्राथमिक उपचार किया।
घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अरुण रवानी और एएसआई उदय यादव सीएचसी पहुंचे तथा घटना की जानकारी ली। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त दोनों बाइकों को सुरक्षित थाना ले जाकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
यातायात नियमों की अनदेखी बनी गंभीर चिंता
भवनाथपुर मुख्य बाजार और ग्रामीण सड़कों पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं ने यातायात व्यवस्था और वाहन चालकों की जिम्मेदारी दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई चालक तेज गति, बिना हेलमेट और क्षमता से अधिक सवारी लेकर वाहन चलाते हैं। शराब पीकर बाइक चलाने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों पर नियमित कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है। पुलिस की गश्ती के बावजूद यदि मुख्य बाजार में तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने पर रोक नहीं लग रही है, तो केवल हादसे के बाद कार्रवाई से सड़क सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो सकती।
एक सप्ताह पूर्व भी दैनिक जागरण ने भवनाथपुर में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को लेकर वाहन चालकों और स्थानीय प्रशासन को यातायात नियमों के पालन के प्रति आगाह किया था। इसके बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं दिखना चिंता का विषय है।
स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि दुर्घटना के समय समय पर 108 एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने से घायलों को तत्काल बेहतर उपचार के लिए ले जाने में परेशानी होती है। इससे लोगों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए वाहन चालकों के साथ पुलिस-प्रशासन को भी नियमित वाहन जांच, शराब पीकर वाहन चलाने वालों की जांच, हेलमेट और गति नियमों के पालन को लेकर सख्ती करनी होगी। तभी सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली बेवजह मौतों पर अंकुश लगाया जा सकेगा।

