हेल्थ डेस्क, जमशेदपुर : झारखंड के जमशेदपुर में डेंगू को लेकर बड़ी कार्रवाई हो सकती है। इसे लेकर जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को एक रिपोर्ट तैयार करने को कहा है, जिससे निजी अस्पताल के संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। जिला प्रशासन के निर्देश को सिविल सर्जन डा. जुझार माझी ने गंभीरता से लेते हुए जांच को तीन सदस्यीय टीम गठित कर दिया है।
टीम में जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ. ए. मित्रा, जिला महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ. असद व मलेरिया इंस्पेक्टर श्रवण कुमार शामिल हैं। पहले दिन टीम ने डिमना रोड स्थित साकेत हॉस्पिटल व मानगो गांधी मैदान स्थित दया हॉस्पिटल की जांच करने पहुंची।
टीम क्या जांच कर रही है
अस्पतालों में यह जांच की जा रही है कि कुल कितने डेंगू के मरीज भर्ती हुए। उसमें से कितने का कार्ड टेस्ट और कितने का एलाइजा जांच हुई। क्या मरीज को जांच कराने की आवश्यकता थी या फिर मनमानी ढंग से कराया गया।
चूंकि, नियमत: पांच दिन के बाद ही एलाइजा जांच कराया जाता है। वहीं, मरीज का प्लेटलेट्स कितना था। किस परिस्थिति में उसे चढ़ाया गया। क्या वाकई मरीज को प्लेटलेट्स चढ़ाने की जरूरत थी या फिर नहीं। इन सारे बिंदुओं पर टीम जांच कर रही हैं।
जिला प्रशासन ने क्यों उठाया सख्त कदम
दरअसल, शहर में अचानक से दस गुना प्लेटलेट्स की खपत बढ़ गई। ब्लड बैंक में प्लेटलेट्स की कमी होने लगी। वहीं, अस्पतालों में भी बेड फुल हो गए। मरीजों को बेड के लिए इधर से उधर भटकना पड़ रहा है। सिविल सर्जन कार्यालय को लगातार शिकायत मिल रही थी कि निजी अस्पतालों द्वारा मरीजों को डेंगू का खौफ दिखाकर भर्ती किया जा रहा है।
जिस मरीज को भर्ती करने की जरूरत नहीं उसे भी भर्ती लिया जा रहा है। इससे मरीजों पर आर्थिक बोझ के साथ-साथ भ्रम की स्थिति भी है। एक दिन भी बुखार होने पर लोग सीधे डेंगू की जांच कराने पहुंच जा रहे हैं।
बारीडीह में एक और बच्चे की हुई मौत
बारीडीह निवासी 11 साल के एक और बच्चे की मौत हुई है। बच्चे का तबीयत खराब होने पर उसे टाटा मोटर्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसी बीच उसका मौत हो गया। बच्चे को बुखार सहित अन्य समस्या थी। मौत से पूर्व चिकित्सकों ने उसका सैंपल जिला सर्विलांस विभाग को डेंगू जांच के लिए भेजा था। हालांरि, रिपोर्टअभी नहीं आई है।
जिला महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ. असद कहते हैं कि बच्चे की मौत कैसे हुई यह अभी नहीं कहा जा सकता हैं। रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। उसके बाद ही कुछ स्पष्ट किया जा सकता है। मालूम हो कि चार दिन पूर्व भी एग्रिको में 15 साल के एक युवक की मौत हुई है। मृतक के परिजनों का दावा है कि उसमें सारे डेंगू के लक्षण मौजूद थे। पूर्वी सिंहभूम जिले में डेंगू से अब तक चार मरीजों की मौत हो चुकी हैं।
डेंगू के पांच नए मरीज मिले, 82 हुए स्वस्थ
जिले में बुधवार को डेंगू के पांच नए मरीज मिले। इन सभी का इलाज शहर के विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। जिले में अबतक कुल 4869 सैंपल की जांच हुई हैं, जिसमें 651 डेंगू पाजिटिव मिले हैं। वर्तमान में 290 मरीजों का इलाज शहर के विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। इसमें नौ की स्थिति गंभीर है, जिन्हें आइसीयू में भर्ती कराया गया है। वहीं, 281 मरीजों को इलाज सामान्य वार्डों में चल रहा है। बुधवार को 82 मरीज स्वस्थ होकर घर लौटे।
एमजीएम में पानी का जमाव
एमजीएम अस्पताल में जगह-जगह पर पानी का जमाव है, जिससे डेंगू फैलने की संभावना बढ़ गई है। कर्मचारियों का कहना है कि अस्पताल में दर्जनों की संख्या में डेंगू मरीज भर्ती हो रह हैं।
इधर, मच्छरों की संख्या भी काफी अधिक है। ऐसे में कर्मचारी डरे हुए हैं। वे फॉगिंग व एंटी लार्वा का छिड़काव करने की मांग कर रहे हैं। ताकि वे सुरक्षित होकर काम कर सकें।
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एमजीएम में जल्द बनेगी ब्लड कंपोनेंट मशीन
एमजीएम अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट मशीन खराब होने की वजह से मरीजों को प्लेटलेट्स नहीं मिल पा रहा है। इसे लेकर अधीक्षक डा. रविंद्र कुमार ने ब्लड बैंक के कर्मियों को बुलाकर इस संदर्भ में जानकारी हासिल की।
इसके बाद अधीक्षक ने कहा कि मशीन बनाने को लेकर कोलकाता एक कंपनी से कर्मचारी आएं थे। उम्मीद है कि एक सप्ताह के अंदर मशीन बन जाएगी। इसके बाद डेंगू मरीजों को एमजीएम में ही प्लेटलेट्स मिल पाएगा। उन्हें जमशेदपुर ब्लड बैंक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

