पटना: Bihar Assembly Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का रुख अब साफ हो चुका है। केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता मनोहर लाल खट्टर ने बिहार में आगामी चुनावों को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में फिर से एनडीए (नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस) की सरकार बनेगी।
‘बिहार है तैयार फिर से एनडीए सरकार’ का दिया नारा
इस घोषणा ने न केवल बिहार की राजनीतिक स्थिति को लेकर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि यह भी दर्शाया है कि बीजेपी अपनी रणनीति को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त है। खट्टर ने पटना के बापू सभागार में पार्टी के केंद्रीय नेताओं की उपस्थिति में इस बयान को दिया और साथ ही ‘बिहार है तैयार फिर से एनडीए सरकार’ का नारा भी दिया।
नीतीश कुमार के नेतृत्व पर जताया भरोसा
खट्टर ने कहा, “हम बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनाएंगे।” यह बयान उन हालिया घटनाओं के बाद आया है, जिसमें बीजेपी और नीतीश कुमार की जेडीयू के बीच रिश्तों में उतार-चढ़ाव देखने को मिले थे। पिछले कुछ वर्षों में यह सवाल उठता रहा है कि क्या नीतीश कुमार फिर से बीजेपी के साथ गठबंधन करेंगे, या उनकी पार्टी आरजेडी के साथ बनी रहेगी। खट्टर का यह बयान इस बात की पुष्टि करता है कि बीजेपी नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही बिहार में फिर से सत्ता में आने का विश्वास रखती है।
दिलीप जायसवाल को बिहार बीजेपी का अध्यक्ष बनाने की घोषणा
इस दौरान खट्टर ने बीजेपी नेता दिलीप जायसवाल को बिहार बीजेपी का नया अध्यक्ष बनाए जाने की भी घोषणा की। दिलीप जायसवाल को अध्यक्ष बनाए जाने के साथ ही बिहार बीजेपी में एक नया नेतृत्व देखने को मिलेगा, जो आगामी चुनावों में पार्टी की रणनीतियों को आकार देगा।
एनडीए का गठबंधन और हाल की राजनीतिक स्थिति
बिहार विधानसभा में इस समय एनडीए की सरकार है, जिसमें बीजेपी, जेडीयू, और जीतनराम मांझी की HAM पार्टी शामिल हैं। बिहार विधानसभा की कुल 243 सीटों में से, बीजेपी के पास 80 सीटें हैं, जेडीयू के पास 45 सीटें, जबकि HAM पार्टी के पास 4 सीटें हैं। वहीं विपक्षी गठबंधन में आरजेडी के पास 77 सीटें, कांग्रेस के पास 19 सीटें और CPI (ML) के पास 11 सीटें हैं।
कैबिनेट विस्तार एक रणनीतिक कदम
हाल के महीनों में बिहार सरकार ने कैबिनेट विस्तार भी किया था। इस विस्तार में बीजेपी कोटे से सात नए चेहरों को मंत्री बनाया गया। इनमें कृष्ण कुमार मंटू, विजय मंडल, राजू सिंह, संजय सारावगी, जीवेश मिश्रा, सुनील कुमार और मोती लाल प्रसाद जैसे नेता शामिल हैं। यह कैबिनेट विस्तार बीजेपी के लिए एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य पार्टी के आधार को और मजबूत करना है।
विपक्ष के सामने चुनौती
वहीं विपक्ष की बात करें, तो आरजेडी और कांग्रेस जैसे प्रमुख दलों के पास कुल 107 विधायक हैं। विपक्ष को इस चुनाव में बीजेपी-नीतीश गठबंधन से चुनौती का सामना करना पड़ेगा। हालांकि, बिहार की राजनीति में यह बदलाव और गठबंधन हमेशा तेज़ी से होते रहे हैं, लेकिन इस बार बीजेपी और नीतीश कुमार का गठबंधन पहले से ज्यादा मजबूत और स्पष्ट नजर आ रहा है।
खट्टर का बयान: बीजेपी के आत्मविश्वास की अभिव्यक्ति
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में बीजेपी के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी विपक्ष के साथ-साथ नीतीश कुमार के संभावित रुख को भी लेकर। हालाँकि, खट्टर का बयान बीजेपी का आत्मविश्वास व्यक्त करता है कि वह नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही सत्ता में लौटने की योजना बना रही है।
इस समय बिहार की राजनीति में एनडीए की स्थिति मजबूत दिखाई दे रही है, लेकिन चुनावी मैदान में भाजपा के सामने विपक्षी गठबंधन की चुनौती बनी रहेगी। खट्टर का यह बयान इस बात का संकेत देता है कि बीजेपी आगामी चुनावों में नीतीश कुमार के नेतृत्व में अपना अभियान तेज करेगी, और बिहार में अपना प्रभाव फिर से मजबूत करेगी।

